“द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” का हुआ लोकार्पण

लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित और ड्रीम पब्लिशर्स एवं गाइडिंग सन प्रेस द्वारा प्रकाशित बहुप्रतीक्षित उपन्यास “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” का आधिकारिक लोकार्पण कुंज़ुम बुकस्टोर, नई दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध बुक रिव्यू इंफ्लुएंसर गौरिका गांधी रहीं, जिन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन विश्व में संघर्ष, सत्ता और राजनीति की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाला उपन्यास बताया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अपने रोमांचक कथानक और भावनात्मक गहराई के कारण पाठकों को अंत तक बांधे रखती है।

कार्यक्रम के दौरान लेखक नितेश मांगलिक, जो गाइडिंग सन प्रेस के सह-संस्थापक भी हैं, ने उपन्यास की प्रेरणा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” युद्ध को केवल राजनीतिक या कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उसके मानवीय प्रभावों, बलिदान और नैतिक दुविधाओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह कहानी गुप्त अभियानों, राजनीतिक चालों और कठिन निर्णयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर फैसला जीवन बदल देने वाला साबित हो सकता है। लेखक के अनुसार, यह उपन्यास केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, परिवार, निष्ठा और त्याग की गहराई को भी दर्शाता है।

इसी विशेष अवसर पर लेखिका काजल गुप्ता की पुस्तक “अल्फ़ाज़ अनकहे अनसुने” का भी लोकार्पण किया गया। पुस्तक को दर्शकों द्वारा भावनात्मक अभिव्यक्ति, संवेदनशील लेखन और गहरे मानवीय अनुभवों को सुंदर शब्दों में प्रस्तुत करने के लिए सराहा गया। दोनों पुस्तकों के लोकार्पण ने कार्यक्रम को साहित्यिक रूप से और अधिक विशेष बना दिया।

आसन्न युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” पाठकों को एक उच्च-स्तरीय थ्रिलर की दुनिया में ले जाता है, जहाँ दुश्मन आम चेहरों के पीछे छिपे होते हैं और एक छोटी-सी चूक वैश्विक संकट को जन्म दे सकती है। उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक को प्रभावशाली, विचारोत्तेजक और भावनात्मक रूप से जुड़ाव पैदा करने वाली रचना बताया, जो तेज़ रफ्तार कथानक के साथ गहराई भी प्रदान करती है।

कार्यक्रम में ड्रीम पब्लिशर्स के सीईओ एवं गाइडिंग सन प्रेस के सह-संस्थापक श्री रोहित आर्य ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने एक प्रकाशक के दृष्टिकोण से पुस्तकों पर बात करते हुए सार्थक और जिम्मेदार लेखन के महत्व पर ज़ोर दिया तथा दोनों लेखकों की रचनात्मक दृष्टि और विषय चयन की प्रशंसा की।

पुस्तक लोकार्पण समारोह अत्यंत रोचक और संवादात्मक रहा, जहाँ दर्शकों ने प्रश्न पूछे और वक्ताओं के साथ सार्थक चर्चा की। इस दौरान साहित्य प्रेमियों और पाठकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने पाठकों और मीडिया जगत के लोगों में “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” और “अल्फ़ाज़ अनकहे अनसुने” को पढ़ने की उत्सुकता और बढ़ा दी। राजनीतिक रहस्य, भावनात्मक गहराई और तीव्र घटनाक्रम से भरपूर ये दोनों पुस्तकें समकालीन पाठकों पर गहरी छाप छोड़ने का वादा करती हैं। साथ ही, दोनों पुस्तकें अब अमेज़न, फ्लिपकार्ट और किंडल पर भी उपलब्ध हैं।

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