राष्ट्रपति भवन में आज सजेगा सम्मान का दरबार, विभिन्न क्षेत्रों से 66 हस्तियों को मिलेंगे पद्म पुरस्कार

देश के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली 66 हस्तियों को आज राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गणतंत्र मंडप में आयोजित विशेष समारोह में यह सम्मान प्रदान करेंगी। राष्ट्रपति भवन सोमवार को देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों का गवाह बनने जा रहा है। वर्ष 2026 के पहले नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 66 विभूतियों को पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह समारोह उन लोगों के सम्मान का प्रतीक होगा जिन्होंने अपने कार्यों, सेवा और उपलब्धियों से देश का नाम रोशन किया है। इस समारोह में दो हस्तियों को पद्म विभूषण, छह विभूतियों को पद्म भूषण और 58 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। राष्ट्रपति भवन में समारोह को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहद कड़ा रखा गया है। पद्म पुरस्कार भारत रत्न के बाद देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, सामाजिक कार्य, लोक सेवा, खेल, व्यापार, उद्योग और सिविल सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिए जाते हैं। इन सम्मानों के जरिए देश उन लोगों का अभिनंदन करता है जिन्होंने समाज और राष्ट्र के लिए असाधारण कार्य किए हैं। 

पद्म विभूषण पुरस्कार असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है, जबकि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और बाद में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सम्मान प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रपति ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पहले चरण में 66 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि बाकी पुरस्कार अगले नागरिक अलंकरण समारोह में दिए जाएंगे। इस बार पुरस्कार पाने वालों की सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक चुपचाप समाज सेवा, लोक कला, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के कार्य किए। सरकार की ओर से लगातार ऐसे “अनसुने नायकों” को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है, जो बिना किसी प्रचार के समाज में बदलाव ला रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप को विशेष रूप से सजाया गया है। पुरस्कार विजेताओं और अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। समारोह के दौरान औपचारिक प्रोटोकॉल और सेना के बैंड की प्रस्तुति कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाएगी। भारत में पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। तब से लेकर अब तक हजारों लोगों को इन सम्मानों से नवाजा जा चुका है। समय के साथ इन पुरस्कारों का दायरा बढ़ा है और अब ग्रामीण क्षेत्रों, जनजातीय समाज और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को भी बड़ी संख्या में सम्मानित किया जा रहा है।

इन हस्तियों को मिलेगा पद्म पुरस्कार, राष्ट्रपति भवन में होगा कार्यक्रम

पद्म विभूषण पाने वालों में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल, पूर्व न्यायाधीश के. टी. थॉमस, प्रसिद्ध वायलिन वादक एन. राजम, साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र के पी. नारायणन और पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन शामिल हैं। वहीं पद्म भूषण से सम्मानित होने वाली हस्तियों में मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी, मशहूर गायिका अलका याज्ञनिक, उद्योगपति उदय कोटक, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और शिबू सोरेन का नाम शामिल है। इसके अलावा पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में अभिनेता आर. माधवन, बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया और दिग्गज हॉकी कोच बलदेव सिंह शामिल हैं। पद्म पुरस्कार भारत रत्न के बाद देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। ये पुरस्कार कला, खेल, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, व्यापार और जनसेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। 

राष्ट्रपति भवन में होने वाले इस भव्य समारोह का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा ताकि देशभर के लोग इस ऐतिहासिक पल को देख सकें। मीडिया कवरेज के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इस वर्ष पद्म पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी को प्राथमिकता दी गई। आम नागरिकों से भी ऑनलाइन नामांकन मांगे गए थे। इसके बाद विभिन्न स्तरों पर समीक्षा और जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पद्म पुरस्कार युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा माध्यम हैं। 

सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करने वाली हस्तियां समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने उन लोगों को सम्मानित करने पर ज्यादा जोर दिया है जो गांवों, जनजातीय इलाकों और सामाजिक क्षेत्रों में लंबे समय से काम कर रहे हैं। इससे पद्म पुरस्कारों की सामाजिक स्वीकार्यता और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ी हैं। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में होने वाला यह समारोह एक बार फिर यह संदेश देगा कि देश में मेहनत, समर्पण और राष्ट्र सेवा को सबसे बड़ा सम्मान दिया जाता है। पूरे देश की नजरें अब इस भव्य आयोजन पर टिकी हुई हैं।

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