देशभर में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। केरल में निर्धारित समय से कुछ दिन देरी से पहुंचने वाला मानसून अब रफ्तार पकड़ चुका है और लगातार नए क्षेत्रों को अपने दायरे में ले रहा है। इसके चलते उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को देश के 17 राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है। कहीं हल्की बारिश तो कहीं भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, केरल, महाराष्ट्र, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून सबसे अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां भी पैदा हो सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण भारत में भी मानसून मजबूत स्थिति में है। केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 8 से 10 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी अगले तीन से चार दिनों के दौरान बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। इन राज्यों में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति मिलेगी।
मानसून चार दिनों में 12 राज्यों तक पहुंचा, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश के आसार
आईएमडी के मुताबिक आगामी एक सप्ताह मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 जून तक लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में भी वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
यदि मानसून की वर्तमान रफ्तार बनी रहती है तो आने वाले दिनों में देश के और बड़े हिस्से इसके प्रभाव में आ जाएंगे। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में अपने सामान्य आगमन की तारीख 1 जून के बजाय 4 जून को दस्तक दी थी। हालांकि शुरुआती देरी के बाद इसकी प्रगति तेज रही और केवल चार दिनों के भीतर यह 12 राज्यों तक पहुंच गया।
रविवार को मानसून ने त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में प्रवेश किया, जबकि इससे एक दिन पहले यह महाराष्ट्र, मिजोरम, आंध्र प्रदेश और मणिपुर तक पहुंच चुका था। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह तेजी देश के अधिकांश हिस्सों के लिए राहत लेकर आएगी। इससे जहां लोगों को गर्मी से निजात मिलेगी, वहीं कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

