नोएडा इंटरनेशनल हवाई अड्डे ने भरी पहली उड़ान, दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी यूपी को मिली बड़ी सौगात

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों का वर्षों पुराना इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से आज, 15 जून को वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इसके साथ ही देश के सबसे महत्वाकांक्षी विमानन परियोजनाओं में शामिल जेवर एयरपोर्ट ने नागरिक उड्डयन के मानचित्र पर अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज करा दी है। एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के कई इलाकों के लिए भी हवाई यात्रा पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। 

उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने एयरपोर्ट का औपचारिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो पहली लॉन्च कैरियर के रूप में सामने आई। पहले दिन एयरपोर्ट पर कुल आठ विमानों की आवाजाही निर्धारित की गई, जिसमें आगमन और प्रस्थान दोनों शामिल रहे। एयरपोर्ट परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और यात्रियों के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई थीं। जेवर एयरपोर्ट के इतिहास की पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-2278 रही, जिसने सुबह 7:05 बजे लखनऊ से उड़ान भरी और निर्धारित समय पर सुबह 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया। विमान के उतरते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने पारंपरिक वॉटर कैनन सलामी देकर उसका स्वागत किया। यह दृश्य एयरपोर्ट के इतिहास का एक यादगार क्षण बन गया। पहली उड़ान से पहुंचे यात्रियों का गुलाब के फूल देकर अभिनंदन किया गया और पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस उद्घाटन उड़ान में अभिनेत्री गुल पनाग भी शामिल रहीं, जिन्होंने लखनऊ से जेवर तक की यात्रा की। वहीं जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह 170 किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ के लिए रवाना हुए। 

किसानों की इस यात्रा को क्षेत्र के विकास और एयरपोर्ट से मिलने वाले नए अवसरों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उद्घाटन दिवस पर एयरपोर्ट पर लखनऊ और बेंगलुरु से उड़ानें पहुंचीं तथा विभिन्न गंतव्यों के लिए विमानों ने उड़ान भरी। तय कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ से आने वाली पहली फ्लाइट के बाद उसी विमान ने सुबह 8:35 बजे बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी, जो निर्धारित समय पर वहां पहुंची। वापसी में बेंगलुरु से विमान दोपहर बाद नोएडा पहुंचा और फिर शाम को लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस पूरे संचालन ने यह स्पष्ट कर दिया कि एयरपोर्ट पूर्ण रूप से नियमित वाणिज्यिक सेवाओं के लिए तैयार है। एयरपोर्ट से हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी नियमित उड़ानों की शुरुआत की गई। इससे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। 

लंबे समय से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट को एक वैकल्पिक और आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों को मिलेगा। अब मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, हाथरस और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को उड़ान पकड़ने के लिए दिल्ली तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

कल से बढ़ेगा उड़ानों का दायरा, कई नए शहरों को मिलेगा सीधा हवाई संपर्क

जेवर एयरपोर्ट का संचालन पहले ही दिन सफलतापूर्वक शुरू होने के बाद अब इसके विस्तार की तैयारी भी तेज हो गई है। 16 जून से इंडिगो बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित दैनिक उड़ानों की शुरुआत करने जा रही है। इसके साथ ही एक अन्य प्रमुख एयरलाइन कंपनी अकासा एयर भी जेवर एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं शुरू करेगी। अकासा एयर की नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें यात्रियों को नए विकल्प प्रदान करेंगी।

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार आने वाले महीनों में उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। भविष्य की योजनाओं में बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। इन मार्गों पर सेवाएं शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख विमानन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा। 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला इंजन साबित हो सकता है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग, होटल, रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश में तेजी आने की संभावना है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। 

साथ ही प्रदेश को निवेश और पर्यटन के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी। हवाई सेवाओं के इस नए अध्याय के साथ जेवर एयरपोर्ट ने अपनी पहली उड़ान भर ली है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर के विमानन भार को कम करेगा, बल्कि उत्तर भारत के विकास और आर्थिक प्रगति का एक नया केंद्र भी बनकर उभरेगा। करोड़ों यात्रियों के लिए यह सुविधा, समय की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी का नया दौर साबित हो सकती है।

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