बेंगलुरु में होगा 50वां राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन

नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण व संवर्धन करने वाली प्रतिनिधि संस्था के नागरी लिपि परिषद्, नई दिल्ली और बेंगलूरु की हिंदी अकादमी, बेंगलूरु के साथ मिलकर 50 वां राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन आगामी 21 जून, 2026 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु स्थित जैन विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी एक आभासी प्रेस वार्ता में देते हुए नागरी लिपि परिषद के महामंत्री डॉ हरिसिंह ने कहा कि इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य नागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन और प्रचार-प्रसार तथा समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है। डॉ पाल ने कहा कि इस राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी में शोधपत्र वाचन, नागरी लिपि विमर्श, नागरी सम्मान अर्पण तथा पुस्तक लोकार्पण जैसे विविध आयोजन होंगे।
इस अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट,की ओर से कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित श्रेष्ठ पुस्तकों की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। इसमें नागरी लिपि परिषद् द्वारा प्रकाशित विभिन्न भाषा प्रवेशिकाएं और स्मारिकाएं भी प्रदर्शित की जाएंगी। नागरी लिपि परिषद अपने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करेगी एवं बेंगलूरु हिंदी अकादमी हिंदी एवं नागरी लिपि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरी लिपि कार्यकर्ताओं को विभिन्न सम्मानों से अलंकृत करेगी, जिसमें “नागरी साधक सम्मान”, “नागरी श्री सेवी सम्मान”, “नागरी सेवी सम्मान”, “नागरी शोध श्री सम्मान”, तथा “नागरी साहित्य श्री सम्मान” प्रमुख हैं।
यह अधिवेशन नागरी लिपि परिषद् की स्वर्णिम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है जो हिंदी और नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार में सक्रिय व्यक्तियों एवं संस्थाओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा। मुख्य अतिथि के रूप में नार्थ बेंगलुरु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ बी के रवि उपस्थित रहेंगे।नागरी लिपि परिषद् के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति डॉ. प्रेमचंद पातंजलि उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस अधिवेशन में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश,तेलंगाना, महाराष्ट्र, गोवा और दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से नागरी लिपि विद्वान और नागरी सेवी भाग लेंगे, जो नागरी लिपि एवं भारतीय ज्ञान परंपरा, दक्षिण भारतीय लिपियों और नागरी लिपि का अंतर्संबंध तथा सूचना क्रांति के युग में नागरी की भूमिका पर विमर्श करेंगे।
इस अधिवेशन की सफलता के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविन्द सहित आस्ट्रेलिया, अमेरिका कनाडा, चीन,जापान नीदरलैंड,मारीशस, कुवैत नेपाल और भारत के विभिन्न क्षेत्रों के नागरी लिपि प्रेमियों ने शुभकामना संदेश भेजे हैं।

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