दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने यात्रियों की सुविधा को एक नया आयाम देते हुए राजधानी के 12 मेट्रो स्टेशनों पर अत्याधुनिक टचस्क्रीन टिकट कियोस्क की शुरुआत कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए काउंटर पर लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। वे कियोस्क पर अपनी मोबाइल संख्या दर्ज कर कुछ ही सेकंड में क्यूआर कोड आधारित टिकट खरीद सकेंगे और टिकट सीधे उनके व्हाट्सएप नंबर पर प्राप्त हो जाएगा।
डीएमआरसी का कहना है कि यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शुरुआती चरण में 12 स्टेशनों पर इन कियोस्क को लगाया गया है और यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहने पर आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। नए टचस्क्रीन कियोस्क का उपयोग बेहद आसान बनाया गया है। यात्री सबसे पहले स्क्रीन पर अपनी मंजिल का चयन करेंगे। इसके बाद उन्हें अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। भुगतान यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य डिजिटल माध्यमों से किया जा सकेगा। भुगतान सफल होते ही क्यूआर कोड टिकट सीधे व्हाट्सएप पर भेज दिया जाएगा।
यात्री इस क्यूआर टिकट को अपने मोबाइल पर दिखाकर मेट्रो स्टेशन के ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेट से प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इससे कागजी टिकट की जरूरत भी काफी हद तक कम हो जाएगी। डीएमआरसी ने संकेत दिए हैं कि शुरुआती चरण में लगाए गए 12 कियोस्क के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों की संख्या और उपयोग संतोषजनक रहता है तो दिल्ली-एनसीआर के अन्य प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर भी ऐसे टचस्क्रीन कियोस्क लगाए जाएंगे। इससे डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस मेट्रो सिस्टम की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकेगा।
स्टेशनों में काउंटरों पर भीड़ होगी कम, मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत
दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन लाखों लोग सफर करते हैं। व्यस्त समय में टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों का समय बर्बाद होता है। कियोस्क शुरू होने से टिकट खरीदने की प्रक्रिया तेज होगी और काउंटरों पर भीड़ भी कम होगी। डीएमआरसी अधिकारियों का मानना है कि सेल्फ-सर्विस सिस्टम अपनाने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और स्टेशन संचालन भी पहले से अधिक सुचारु हो सकेगा। व्हाट्सएप पर टिकट मिलने से यात्रियों को टिकट खोने की चिंता नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर वे अपने चैट बॉक्स से दोबारा टिकट दिखा सकेंगे। इसके अलावा टिकट प्रिंट कराने की आवश्यकता भी नहीं होगी, जिससे कागज की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह सुविधा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी जो नियमित रूप से मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं और डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में डीएमआरसी ने डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। मोबाइल ऐप आधारित टिकट, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, क्यूआर टिकट और अब व्हाट्सएप आधारित टिकटिंग इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। नई टचस्क्रीन मशीनें यात्रियों को बिना किसी कर्मचारी की मदद के टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। इससे स्टेशन पर सेवा की गति बढ़ेगी और यात्रियों का अनुभव पहले से अधिक सहज होगा। नई व्यवस्था से उन यात्रियों को सबसे अधिक फायदा होगा जो जल्दी में यात्रा करते हैं या टिकट काउंटर की लंबी कतारों से बचना चाहते हैं।
कुछ ही क्लिक में टिकट खरीदने और सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त करने की सुविधा से समय की बचत होगी, यात्रा आसान बनेगी और पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक स्मार्ट और सुविधाजनक होगी। डीएमआरसी की यह पहल राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि यह व्यवस्था सभी प्रमुख स्टेशनों तक पहुंचती है तो लाखों यात्रियों को प्रतिदिन तेज, सुरक्षित और डिजिटल टिकटिंग का लाभ मिलेगा। यदि इसे अखबार के प्रथम पृष्ठ की शैली या वेब पोर्टल की एसईओ शैली में चाहिए, तो उसी प्रारूप में भी तैयार किया जा सकता है।

