उत्तर प्रदेश की बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे परियोजना आज औपचारिक रूप से आम जनता को समर्पित होने जा रही है। राज्य के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाली इस परियोजना का उद्घाटन उन्नाव जिले के पड़री स्थित झाऊखेड़ा रेस्ट एरिया में आज दोपहर होगा। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। उद्घाटन के साथ ही यह हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के विकास, तेज और सुरक्षित परिवहन तथा औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच वर्षों से चली आ रही यातायात की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी। अब दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 30 से 35 मिनट रह जाएगा। इससे प्रतिदिन लाखों यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।
आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे को तेज, सुरक्षित और बाधारहित यात्रा को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इस मार्ग पर वाहन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे समय की बड़ी बचत होगी। अभी तक लखनऊ और कानपुर के बीच सामान्य परिस्थितियों में डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता था, लेकिन अब यह दूरी लगभग आधे घंटे में पूरी की जा सकेगी। इस एक्सप्रेस-वे का लाभ केवल लखनऊ और कानपुर तक सीमित नहीं रहेगा। सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, अयोध्या, सुलतानपुर और आसपास के कई जिलों के लोगों को भी बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। इन क्षेत्रों से आने वाले यात्री कम समय में राजधानी और औद्योगिक नगर कानपुर पहुंच सकेंगे। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। परियोजना को अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन सहायता व्यवस्था, कंट्रोल सेंटर और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संकेतक, बैरियर, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगा। तेज परिवहन व्यवस्था से उद्योगों की लागत कम होगी, माल ढुलाई में तेजी आएगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक कंपनियों और व्यापारिक गतिविधियों को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी। राजधानी लखनऊ और ऐतिहासिक एवं औद्योगिक नगर कानपुर के बीच आवागमन आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। आसपास के जिलों में भी पर्यटन और स्थानीय कारोबार को इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।
हरित ऊर्जा से संचालित होगा आधुनिक एक्सप्रेस-वे, सौर शक्ति से मिलेगी आत्मनिर्भरता
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका हरित ऊर्जा आधारित मॉडल शामिल है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर लगभग 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी में करीब 500 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए हैं। इन सोलर पैनलों से उत्पादित बिजली का उपयोग एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, कंट्रोल सेंटर, सीसीटीवी कैमरों, संचार व्यवस्था और अन्य तकनीकी सुविधाओं के संचालन में किया जाएगा। इस पहल से एक्सप्रेस-वे ऊर्जा के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भर बन सकेगा। साथ ही पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से आधुनिक परिवहन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व देना है। एनएचएआई ने उन्नाव के कोरारी एंट्री प्वाइंट पर भी अत्याधुनिक सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया है। यहां से टोल प्लाजा, सीसीटीवी नेटवर्क, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड और अन्य तकनीकी प्रणालियों को लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी संचालन प्रभावित नहीं होगा और पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी। अधिकारियों के अनुसार सौर ऊर्जा के उपयोग से परिचालन लागत में कमी आएगी और दीर्घकाल में परियोजना अधिक किफायती सिद्ध होगी। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे भविष्य की उन आधारभूत परियोजनाओं का उदाहरण है, जहां तेज परिवहन, आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा का प्रभावी समन्वय देखने को मिलता है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति प्रदान करेगी। उद्घाटन के साथ ही यह एक्सप्रेस-वे लाखों लोगों के लिए तेज, सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का नया विकल्प बन जाएगा।

