प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 17 जुलाई को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह लगभग 26,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा सड़क, रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ हरित परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं का लाभ केवल पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के कई राज्यों को भी मिलेगा। पीएम की सबसे बड़ी सौगात दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन होगी। लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 157.92 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा देश के सबसे महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में शामिल है।
यह 667 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण भाग है, जिसका उद्देश्य उत्तर भारत में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अभी दिल्ली से कटरा तक पहुंचने में लगभग 14 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यह दूरी लगभग 6 घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह दिल्ली से अमृतसर की यात्रा, जो पहले करीब 8 घंटे लेती थी, अब लगभग 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (पुराना जीटी रोड) पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा। भारी वाहनों और लंबी दूरी के यातायात के लिए नया विकल्प मिलने से जाम की समस्या घटेगी और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और नए निवेश के अवसर विकसित होने की संभावना है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी हरियाणा को भी कई बड़ी सड़क परियोजनाओं की सौगात देंगे। लगभग 12,470 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इनमें नेशनल हाईवे-7 और एनएच-344 पर स्थित 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अंब चार-लेन हाईवे का उद्घाटन भी शामिल है। यह मार्ग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क को पहले से अधिक आसान बनाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों तक माल ढुलाई तेज होगी और हिमाचल के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सबसे चर्चित आकर्षण भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ होगा। हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलेगी और भारतीय रेलवे के हरित परिवहन अभियान में एक नया अध्याय जोड़ेगी। हाइड्रोजन ईंधन से संचालित यह ट्रेन डीजल की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण अनुकूल मानी जा रही है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भविष्य में रेलवे को स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
उत्तराखंड, हिमाचल और पूरे उत्तर भारत को भी मिलेगा सीधा लाभ
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का लाभ केवल दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड पर भी दिखाई देगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड के अन्य शहरों से दिल्ली होकर माता वैष्णो देवी जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। दिल्ली तक पहुंचने के बाद यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में कम समय लगेगा, जिससे यात्रा का कुल समय काफी घट जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड से पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कृषि उत्पाद, फल, सब्जियां, औद्योगिक सामान और अन्य वस्तुओं की ढुलाई पहले से अधिक तेज और कम लागत में संभव होगी। इससे परिवहन खर्च घटेगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
हर साल उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की यात्रा करते हैं। वहीं इन राज्यों से भी लाखों पर्यटक मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन उद्योग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। अंबाला-काला अंब हाईवे के शुरू होने का लाभ भी अप्रत्यक्ष रूप से उत्तराखंड को मिलेगा। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच तेज संपर्क बनने से उत्तर भारत का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा, जिसका फायदा विभिन्न राज्यों के बीच आवागमन और माल परिवहन को मिलेगा। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भी भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में देश के अन्य राज्यों के रेलवे मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे में सड़क, रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी जिन परियोजनाओं का शुभारंभ हो रहा है, उन्हें उत्तर भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय, आधुनिक परिवहन व्यवस्था, हरित ऊर्जा आधारित रेलवे और नई औद्योगिक संभावनाएं इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषताएं हैं। आने वाले समय में इनका प्रभाव क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन, व्यापार और रोजगार पर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।

