उत्तराखंड सरकार लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना को निर्धारित समय से पहले पूरा करने के लिए गंभीरता से जुट गई है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। उन्होंने बांध, सुरंग, विद्युत गृह और अन्य निर्माण स्थलों का दौरा कर अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे कई राज्यों को पेयजल, सिंचाई और बिजली के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2031 तक परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसी के अनुरूप कार्ययोजना बनाई जाए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले परियोजना को दिसंबर 2034 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए आवश्यक मशीनों और श्रमिकों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए। सभी संबंधित संस्थाएं दो से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें, ताकि प्रत्येक चरण की समयबद्ध निगरानी की जा सके। उन्होंने परियोजना के लिए विस्तृत पर्ट चार्ट तैयार कर उसके अनुसार शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और किसी भी स्तर पर तकनीकी मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा सभी अनिवार्य तकनीकी परीक्षण समय पर पूरे कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग की ओर से अपेक्षित सभी तकनीकी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था एलएंडटी तथा उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिकारियों को परियोजना स्थल पर नियमित रूप से उपस्थित रहकर दैनिक, पाक्षिक और मासिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे का वितरण जल्द पूरा करने और प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने को भी आवश्यक बताया, ताकि लंबित मामलों का समय पर समाधान हो सके। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एके सिंह, एलएंडटी के महाप्रबंधक प्रभु कुमार, परियोजना प्रबंधक विष्णु मोहन श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लखवाड़ परियोजना क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले में यमुना नदी पर विकसित की जा रही देश की प्रमुख जल संसाधन परियोजनाओं में से एक है। कई दशकों से लंबित यह परियोजना उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका उद्देश्य केवल जल विद्युत उत्पादन करना नहीं, बल्कि सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और जल संरक्षण की दीर्घकालिक जरूरतों को भी पूरा करना है।
परियोजना के तहत यमुना नदी पर विशाल बांध का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में जल का संग्रह किया जा सकेगा। इस संग्रहित जल का उपयोग विभिन्न राज्यों को निर्धारित हिस्से के अनुसार उपलब्ध कराने में किया जाएगा। साथ ही परियोजना से लगभग 300 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन का भी लक्ष्य है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी। लंबे समय तक भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अंतरराज्यीय समन्वय जैसी चुनौतियों के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में निर्माण कार्यों ने गति पकड़ी है। राज्य सरकार अब इसे तय समय से पहले पूरा करने के लिए लगातार उच्चस्तरीय समीक्षा कर रही है। परियोजना पूरी होने के बाद लाखों लोगों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा, जल संकट से राहत मिलेगी तथा उत्तराखंड की ऊर्जा क्षमता भी मजबूत होगी। यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल कर प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

