बारिश-भूस्खलन भी नहीं रोक पाए श्रद्धालुओं के कदम, अगस्त में चारधाम यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड, हेमकुंड साहिब में भी टूटा पुराना आंकड़ा

उत्तराखंड में मौसम की चुनौती भी आस्था के आगे फीकी पड़ गई। अगस्त महीने में लगातार बारिश, भूस्खलन और कई प्रमुख मार्गों के बाधित होने के बावजूद चारधाम यात्रा ने बीते चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में इस साल अगस्त के दौरान कुल 2,31,518 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बीते चार वर्षों में यह पहला अवसर है, जब अगस्त महीने में चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही है। खास बात यह है कि यात्रा के दौरान कई बार मौसम ने मुश्किलें खड़ी कीं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इस बार अगस्त में सबसे ज्यादा श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचे। बदरीनाथ में 1.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। वहीं केदारनाथ धाम में भी तीन साल बाद अगस्त महीने में सबसे अधिक शिव भक्तों ने पहुंचकर नया आंकड़ा कायम किया। इससे साफ है कि मानसून के दौरान यात्रा को लेकर बनी आशंकाओं के बावजूद श्रद्धालुओं का विश्वास और उत्साह बरकरार रहा। चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई थी। यात्रा के शुरुआती दौर में श्रद्धालुओं की संख्या अच्छी रही, लेकिन जुलाई में यात्रा की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। इसके पीछे खराब मौसम और मानसून की सक्रियता प्रमुख कारण रहे। हालांकि अगस्त आते-आते परिस्थितियां कई बार चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद यात्रा ने एक बार फिर गति पकड़ ली। पहाड़ों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, सड़कें बाधित हुईं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम की ओर बढ़ते रहे।

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अगस्त में चारधाम यात्रा में पिछले साल की तुलना में 93,680 अधिक श्रद्धालु पहुंचे। वहीं वर्ष 2024 के अगस्त महीने की तुलना करें तो इस बार 1,18,502 श्रद्धालु ज्यादा आए। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज हुई है, जब उत्तराखंड में मानसून के कारण यात्रा मार्गों पर लगातार चुनौतियां बनी हुई थीं। कोरोना महामारी के बाद अगस्त 2022 में चारधाम यात्रा में 2 लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। उसके बाद अगस्त के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या इस स्तर तक नहीं पहुंच सकी थी। इस लिहाज से 2026 का अगस्त चारधाम यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान यात्रा मार्गों पर मौसम से जुड़ी मुश्किलों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी आना राज्य के धार्मिक पर्यटन के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

चारधाम यात्रा में बदरीनाथ और केदारनाथ के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए यात्रा व्यवस्था को संचालित किया गया। बारिश के कारण जहां भी मार्ग बाधित हुए, वहां उन्हें खोलने के लिए अभियान चलाया गया। कई स्थानों पर यात्रा को मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार नियंत्रित भी किया गया। अगस्त का यह रिकॉर्ड केवल चारधाम तक सीमित नहीं रहा। उत्तराखंड के सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में भी इस साल श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अगस्त 2026 में यहां 67,863 श्रद्धालु पहुंचे। हेमकुंड साहिब की यात्रा इस वर्ष 1 जून से शुरू हुई थी और अब तक करीब 2.89 लाख श्रद्धालु यहां मत्था टेक चुके हैं। यह संख्या पिछले पूरे यात्रा सत्र के आंकड़े से भी अधिक है।

पिछले वर्ष पूरे यात्रा सत्र में हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 2 लाख 74 हजार रही थी। इस वर्ष यात्रा सत्र पूरा होने से करीब 40 दिन पहले ही यह पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में कितना उत्साह है। मौसम की चुनौती के बावजूद यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या धार्मिक पर्यटन के लिहाज से उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

15 सितंबर से फिर शुरू होगी चारधाम में हेलिकॉप्टर सेवा

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए हेलिकॉप्टर सेवा को भी फिर से शुरू करने की तैयारी है। उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुताबिक, मानसून के कमजोर पड़ने के बाद मौसम हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित रहने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण की सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हेलिकॉप्टर सेवा का यह दूसरा चरण खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो कम समय में चारधाम की यात्रा पूरी करना चाहते हैं या सड़क मार्ग की कठिन परिस्थितियों से बचना चाहते हैं। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क मार्ग पर भूस्खलन और बारिश के कारण यात्रा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में हवाई सेवा श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन जाती है।

बताया गया है कि हेलिकॉप्टर सेवा दोबारा शुरू करने का फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया गया है। मौसम में सुधार के साथ हवाई सेवा को सुरक्षित तरीके से संचालित करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ यात्रा को सुगम बनाए रखना है। अगस्त में चारधाम यात्रा के रिकॉर्ड और हेमकुंड साहिब में समय से पहले पिछले साल का आंकड़ा पार होने से उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के संकेत हैं। मानसून की कठिन परिस्थितियों के बीच श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या में आवाजाही यह बताती है कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था मजबूत बनी हुई है।

आने वाले दिनों में मौसम में सुधार के साथ यात्रा में और तेजी आने की उम्मीद है। वहीं 15 सितंबर से प्रस्तावित हेलिकॉप्टर सेवा का दूसरा चरण शुरू होने के बाद चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक और विकल्प उपलब्ध होगा। यदि मौसम अनुकूल रहा तो यात्रा सत्र के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 

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