केदारनाथ हेली सेवा का दूसरा चरण 15 सितंबर से, आज से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग, पहली बार ऑफलाइन टिकट की भी सुविधा

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने 15 सितंबर से केदारनाथ के लिए हेली सेवा शुरू करने की व्यवस्था पूरी कर ली है। इस बार श्रद्धालुओं को टिकट बुक करने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ऑनलाइन बुकिंग के साथ सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड पर बनाए जाने वाले काउंटरों से ऑफलाइन टिकट बुक कराने की सुविधा भी मिलेगी। इससे उन यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ऑनलाइन टिकट बुक करने में परेशानी होती है या जो इंटरनेट के माध्यम से टिकट नहीं लेना चाहते। यात्रा के दूसरे चरण में हेली सेवा को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए यूकाडा ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टिकट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। तीनों प्रमुख हेलीपैडों पर ऑफलाइन टिकट बुकिंग काउंटर बनाए जाएंगे। इन काउंटरों पर संबंधित हेली कंपनियों के कर्मचारियों के साथ यूकाडा के कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है, ताकि श्रद्धालुओं को टिकट लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दूसरे चरण की हेली सेवा शुरू होने से पहले ही टिकट बुकिंग को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता है। खासकर वे यात्री, जो पैदल यात्रा या सड़क मार्ग के बजाय कम समय में केदारनाथ पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए हेली सेवा महत्वपूर्ण विकल्प रहती है। मौसम, यात्रा अवधि और सीमित सीटों को देखते हुए हेली टिकटों की मांग भी अधिक रहती है। ऐसे में यूकाडा की ओर से बुकिंग प्रक्रिया को चरणबद्ध करने का निर्णय लिया गया है। इस बार ऑनलाइन टिकट बुकिंग पूरी यात्रा अवधि के लिए एक साथ नहीं खोली जाएगी। इसके बजाय 15-15 दिनों के स्लॉट में टिकटों की उपलब्धता चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। इससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पोर्टल पर पहुंचने से पैदा होने वाले दबाव को कम करने और बुकिंग व्यवस्था को सुचारु रखने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग की शुरुआत 7 सितंबर से होगी। श्रद्धालु निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध तिथियों और सीटों के अनुसार टिकट बुक करा सकेंगे।

ऑफलाइन टिकट की व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी, जो ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं। ऐसे श्रद्धालु यात्रा की तारीख तय करने के बाद सिरसी, फाटा या गुप्तकाशी हेलीपैड पर बनाए गए बुकिंग काउंटर पर पहुंचकर टिकट की उपलब्धता की जानकारी ले सकेंगे। वहां मौजूद कर्मचारी उन्हें उपलब्ध हेली सेवा और खाली सीटों के बारे में जानकारी देंगे। इसके बाद उपलब्धता के आधार पर टिकट बुक किया जा सकेगा।

सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी में मिलेंगे ऑफलाइन टिकट, सीट उपलब्ध होने पर ही होगी बुकिंग

ऑफलाइन टिकट बुकिंग के लिए श्रद्धालुओं को किसी अलग ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे संबंधित हेलीपैड के काउंटर पर जाकर टिकट के संबंध में जानकारी ले सकेंगे। काउंटर पर यात्रा की तारीख और उस दिन उपलब्ध हेली सेवा के अनुसार बुकिंग की जाएगी। टिकट आवंटन पूरी तरह उपलब्ध सीटों पर निर्भर करेगा। यानी जिस तारीख या उड़ान में सीट उपलब्ध होगी, उसी के आधार पर श्रद्धालु टिकट प्राप्त कर सकेंगे। यूकाडा ने काउंटरों पर अपने कर्मचारियों की तैनाती का फैसला इसलिए किया है, ताकि ऑफलाइन टिकट वितरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सके। हेली कंपनियों के कर्मचारी बुकिंग से संबंधित काम करेंगे, जबकि यूकाडा के कर्मचारी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और व्यवस्थाओं की निगरानी में भूमिका निभाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को टिकट आवंटन को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।

ऑफलाइन सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को मिल सकता है, जो ऑनलाइन पोर्टल पर टिकट बुक करने में तकनीकी दिक्कत का सामना करते हैं। कई श्रद्धालु ऐसे भी होते हैं, जो ऑनलाइन भुगतान, पोर्टल पर पंजीकरण या सीटों की उपलब्धता देखने जैसी प्रक्रिया में सहज नहीं होते। ऐसे यात्रियों के लिए हेलीपैड पर सीधे काउंटर से टिकट लेने का विकल्प सुविधाजनक रहेगा।

हालांकि, श्रद्धालुओं को यह ध्यान रखना होगा कि ऑफलाइन काउंटर पर पहुंचने मात्र से टिकट मिलना सुनिश्चित नहीं होगा। टिकट उपलब्ध सीटों के आधार पर ही दिए जाएंगे। यदि किसी तारीख पर सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं तो काउंटर पर भी टिकट उपलब्ध नहीं होगा। इसलिए यात्रियों के लिए यात्रा की योजना पहले बनाने और टिकट उपलब्धता की जानकारी समय रहते लेने की सलाह उपयोगी रहेगी।

यात्रियों को अब टिकट के लिए केवल ऑनलाइन पोर्टल पर निर्भर नहीं रहना होगा, लेकिन ऑफलाइन व्यवस्था का अर्थ यह भी नहीं है कि सभी श्रद्धालुओं को मौके पर टिकट मिल जाएगा। हेली सेवा की क्षमता सीमित होने के कारण सीटों की संख्या के अनुसार ही बुकिंग की जाएगी। मांग अधिक होने की स्थिति में उपलब्ध सीटें तेजी से भर सकती हैं। दूसरे चरण की हेली सेवा 15 सितंबर से शुरू होने जा रही है। इससे पहले 7 सितंबर से ऑनलाइन टिकट बुकिंग का रास्ता खोल दिया जाएगा। यूकाडा ने बुकिंग को 15-15 दिनों के स्लॉट में खोलने की व्यवस्था की है। इससे श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार टिकट लेने का अवसर मिलेगा और ऑनलाइन प्रणाली पर अचानक बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित किया जा सकेगा।

केदारनाथ यात्रा में हेली सेवा का इस्तेमाल करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यात्रा के दौरान समय की बचत के साथ मौसम की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। हेली सेवाओं का संचालन मौसम और अन्य आवश्यक परिस्थितियों के अनुरूप किया जाता है। इसलिए टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित दिशा-निर्देशों और सेवा की स्थिति की जानकारी लेते रहना होगा। यात्रा के दूसरे चरण में हेली सेवा शुरू होने से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टिकट बुकिंग की व्यवस्था से बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने की कोशिश की गई है। खासतौर पर ग्रामीण और ऐसे श्रद्धालु, जिन्हें ऑनलाइन टिकट लेने में कठिनाई होती है, वे हेलीपैड के काउंटरों से सहायता प्राप्त कर सकेंगे। यूकाडा की इस व्यवस्था में पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया है। तीनों हेलीपैडों पर यूकाडा कर्मचारियों की मौजूदगी से टिकट वितरण की निगरानी होगी। इससे यात्रियों को उपलब्ध सीटों और टिकट आवंटन की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी। वहीं ऑनलाइन बुकिंग को चरणों में खोलने से वेबसाइट और बुकिंग प्रणाली पर अचानक पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

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