आम आदमी पार्टी ने संगठन के स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुन लिया है। बुधवार को आयोजित आप की नई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में केजरीवाल के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। बैठक में देशभर से पहुंचे 330 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक चुनौतियों और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक पदों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने के साथ ही पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव और एनडी गुप्ता को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के पद पर दोबारा नियुक्त किया गया। इस तरह पार्टी ने अपने प्रमुख संगठनात्मक पदों पर पहले से जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं पर ही भरोसा कायम रखा है। आप के लिए यह बैठक संगठन के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर केजरीवाल के पुनर्निर्वाचन से पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर एक बार फिर सर्वसम्मति सामने आई है। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के संगठन में उनकी भूमिका पहले की तरह केंद्रीय बनी रहेगी। वहीं, राष्ट्रीय सचिव और कोषाध्यक्ष के पद पर पंकज गुप्ता तथा एनडी गुप्ता की पुनर्नियुक्ति से संगठन के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज में निरंतरता बनाए रखने का संकेत मिला है।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले समय की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। देशभर से आए प्रतिनिधियों ने संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत करने पर जोर दिया। पार्टी की कोशिश है कि अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को प्रभावी बनाया जाए और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। आप के गठन के बाद से अरविंद केजरीवाल पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरे रहे हैं। दिल्ली की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनका दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुना जाना पार्टी की आगे की राजनीतिक दिशा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के संगठनात्मक फैसलों और चुनावी रणनीति में राष्ट्रीय संयोजक का पद सबसे महत्वपूर्ण होता है।
बैठक में पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 23 सदस्यों को शामिल किया गया है। इसके जरिए पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को नया स्वरूप देने की कोशिश की है। कार्यकारिणी में शामिल सदस्यों के जरिए अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को गति देने की जिम्मेदारी तय की जाएगी। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल 330 सदस्यों ने संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल, संगठन की सक्रियता बढ़ाने तथा जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पार्टी को आने वाले राजनीतिक दौर के लिए संगठनात्मक रूप से और अधिक तैयार करने की जरूरत है।
आम आदमी पार्टी की 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 23 सदस्यों वाली नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन का फैसला भी किया गया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी पार्टी के महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसलों और भविष्य की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाती है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन को आगे की राजनीतिक जरूरतों के अनुरूप सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अरविंद केजरीवाल के राष्ट्रीय संयोजक पद पर दोबारा चुने जाने के बाद अब पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। आप लंबे समय से दिल्ली के अलावा पंजाब और अन्य राज्यों में भी अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने दिल्ली में लंबे समय तक सरकार चलाई और पंजाब में भी सत्ता हासिल की। इसके बाद पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश जारी रखी है। राष्ट्रीय संयोजक के रूप में केजरीवाल के सामने संगठन को राज्यों में मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती रहेगी।
पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव के रूप में फिर जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी। वहीं एनडी गुप्ता को कोषाध्यक्ष के पद पर पुन: नियुक्त किया गया है। पार्टी के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज में कोषाध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। दोनों पदों पर पुनर्नियुक्ति के फैसले से पार्टी ने अपने मौजूदा संगठनात्मक तंत्र में भरोसा कायम रखा है। बैठक में संगठन विस्तार के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन किया गया। पार्टी के लिए आने वाला समय कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। अलग-अलग राज्यों में चुनावी संभावनाओं को देखते हुए संगठन को मजबूत करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ बढ़ाना आप की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक को पार्टी के भीतर संगठनात्मक पुनर्संरचना के महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है। 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन को नया ढांचा मिला है। वहीं शीर्ष तीन संगठनात्मक जिम्मेदारियों में किसी बड़े बदलाव के बजाय पुराने नेतृत्व पर भरोसा जताया गया है। बैठक का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यही रहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व को पार्टी के भीतर व्यापक समर्थन हासिल है। सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने के बाद वह पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति का नेतृत्व करते रहेंगे। आने वाले समय में संगठन विस्तार और विभिन्न राज्यों में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उनके नेतृत्व में ही होगी। इस बैठक के जरिए आम आदमी पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह संगठन को नए सिरे से मजबूत करते हुए आगे की राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार है। राष्ट्रीय परिषद में देशभर के 330 सदस्यों की मौजूदगी और 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन से पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया है। केजरीवाल की पुनर्नियुक्ति, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता की जिम्मेदारियों को बरकरार रखना तथा नई कार्यकारिणी का गठन इन तीनों फैसलों को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में निरंतरता और मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

