भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच टेक कंपनी एप्पल ने देश में अपनी भुगतान सेवा ‘एप्पल पे’ लॉन्च कर दी है। बुधवार से भारत में आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच इस्तेमाल करने वाले यूजर्स एप्पल पे के जरिए भुगतान कर सकेंगे। कंपनी ने बताया है कि जल्द ही मैक पर भी एप्पल पे का सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में यह सुविधा एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड के साथ शुरू की गई है। यानी एक्सिस बैंक के पात्र कार्डधारक अपने कार्ड को एप्पल पे में जोड़कर भारत में हजारों दुकानों और उन जगहों पर भुगतान कर सकेंगे, जहां एनएफसी आधारित संपर्क रहित भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। एप्पल के इस कदम को भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान बाजार में कंपनी की बड़ी एंट्री के तौर पर देखा जा रहा है। एप्पल पे के जरिए यूजर्स को भुगतान के लिए हर बार कार्ड निकालने, कार्ड नंबर डालने या अलग से ओटीपी दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी। स्टोर पर भुगतान के लिए आईफोन या एप्पल वॉच को भुगतान मशीन के पास ले जाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। ऑनलाइन खरीदारी के दौरान भी एप्पल पे के जरिए भुगतान किया जा सकेगा, जिससे बार-बार कार्ड की जानकारी दर्ज करने की जरूरत कम होगी।
एप्पल की ‘एप्पल पे’ और ‘एप्पल वॉलेट’ की वाइस प्रेसिडेंट जेनिफर बेली ने कहा कि भारत तेजी से कैशलेस भविष्य की ओर बढ़ रहा है और यहां के ग्राहक सुरक्षा तथा निजता के ऊंचे मानकों की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में एप्पल पे उपलब्ध कराने को लेकर उत्साहित है। कंपनी के मुताबिक, एप्पल पे का इस्तेमाल दुकानों, ऐप्स और वेबसाइटों पर छोटे-बड़े खुदरा कारोबारियों के यहां किया जा सकेगा। एप्पल ने भुगतान की सुरक्षा और निजता को भी अपनी सेवा की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया है। कंपनी के मुताबिक, जब कोई ग्राहक एप्पल पे के जरिए अपने कार्ड से भुगतान करता है तो उसके वास्तविक कार्ड नंबर को डिवाइस या एप्पल के सर्वर पर सुरक्षित नहीं रखा जाता। साथ ही वास्तविक कार्ड नंबर कारोबारियों के साथ साझा नहीं किया जाता। इसके बजाय डिवाइस के लिए एक अलग और विशिष्ट अकाउंट नंबर तैयार किया जाता है। इस नंबर को एन्क्रिप्ट करके डिवाइस के सुरक्षित हिस्से में रखा जाता है।
कंपनी के अनुसार, इसके लिए सिक्योर एलिमेंट नाम की एक प्रमाणित चिप का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे भुगतान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। एप्पल का कहना है कि वह ऐसे लेन-देन की जानकारी अपने पास नहीं रखता, जिसे सीधे यूजर से जोड़ा जा सके। भुगतान से संबंधित जानकारी यूजर, कारोबारी और संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था के बीच ही रहती है।
एप्पल पे में सुरक्षा के लिए आईफोन की मौजूदा सुरक्षा सुविधाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है। यदि किसी यूजर का आईफोन खो जाता है या चोरी हो जाता है तो वह ‘फाइंड माई’ ऐप के जरिए अपने डिवाइस को खोजने और लॉक करने के साथ ही उस डिवाइस से भुगतान की सुविधा को निलंबित कर सकता है। इससे डिवाइस के गलत हाथों में जाने की स्थिति में भुगतान संबंधी जोखिम को कम किया जा सकता है।
ऐसे जोड़ें एप्पल पे में अपना कार्ड, इन डिवाइस पर मिलेगी सुविधा
एप्पल पे में कार्ड जोड़ने की प्रक्रिया भी आसान रखी गई है। एक्सिस बैंक के ग्राहक बैंक के ऐप के नवीनतम संस्करण के जरिए सीधे एप्पल वॉलेट में अपना पात्र क्रेडिट कार्ड जोड़ सकते हैं। इसके अलावा आईफोन में वॉलेट ऐप खोलकर प्लस के निशान पर टैप करने के बाद स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कार्ड जोड़ा जा सकता है। कार्ड जुड़ने के बाद यूजर एप्पल पे के जरिए भुगतान शुरू कर सकता है। एप्पल के मुताबिक, भारत में लॉन्च के समय एप्पल पे को लाखों कारोबारियों के यहां स्वीकार किया जाएगा। इनमें एप्पल के अपने स्टोर भी शामिल हैं। जहां संपर्क रहित यानी एनएफसी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है, वहां यूजर अपने एप्पल डिवाइस के जरिए भुगतान कर सकता है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि एप्पल पे से भुगतान करने पर यूजर्स को उनके संबंधित कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड और अन्य लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे।
एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा कि एप्पल पे की शुरुआत बैंक के उन क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को भुगतान के ज्यादा विकल्प और लचीलापन देने की दिशा में एक कदम है, जो मास्टरकार्ड और वीजा नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। मास्टरकार्ड के इंडिया और साउथ एशिया प्रेसिडेंट गौतम अग्रवाल ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ग्राहक आसान और सुरक्षित भुगतान विकल्प चाहते हैं। उनके मुताबिक, एक्सिस बैंक के मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्डधारकों के लिए एप्पल पे की शुरुआत संपर्क रहित भुगतान के इस्तेमाल को आगे बढ़ाएगी।
वीजा के ग्रुप कंट्री मैनेजर, इंडिया और साउथ एशिया सुरेश सेठी ने भी भारत में एप्पल पे की शुरुआत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय ग्राहकों को भुगतान का एक नया विकल्प मिलेगा। एप्पल पे फिलहाल दुनिया के 90 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, यह सेवा दुनियाभर में 11,000 से अधिक बैंक और नेटवर्क साझेदारों के साथ काम करती है। भारत में इसकी शुरुआत फिलहाल एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड से हुई है। आने वाले समय में कंपनी की ओर से अन्य बैंकों और कार्ड नेटवर्क के लिए समर्थन बढ़ाए जाने की संभावना पर भी नजर रहेगी। भारत में डिजिटल भुगतान के पहले से मजबूत ढांचे के बीच एप्पल पे की एंट्री से आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच यूजर्स को भुगतान के लिए एक और विकल्प मिल गया है।

