हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हवाई सफर की नई सुविधा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से रामपुर और रिकांगपिओ के लिए नई हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। ‘हेली-हॉप हिमाचल’ योजना के तहत शुरू की गई इस सेवा से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने और लंबी सड़क यात्राओं में लगने वाले समय को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। खासकर किन्नौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां परिवहन के लिहाज से हमेशा चुनौतीपूर्ण रही हैं। ऊंचे पहाड़, घुमावदार सड़कें, दुर्गम रास्ते और कई स्थानों पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां यात्रा को कठिन बना देती हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा केवल पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों को राजधानी और अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने का एक वैकल्पिक साधन भी है। नई सेवा शुरू होने से यात्रियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संजौली हेलीपोर्ट से सेवा की शुरुआत करते हुए प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की पहल को आगे बढ़ाया। ‘हेली-हॉप हिमाचल’ के माध्यम से शिमला को रामपुर और रिकांगपिओ से जोड़ने की योजना राज्य के परिवहन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक हवाई सुविधा पहुंचाना है, जहां सड़क मार्ग से यात्रा में काफी समय लग सकता है।
नई हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सरकारी कामकाज, व्यापार और पर्यटन के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को भी मिल सकता है। विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जिन्हें सीमित समय में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। हालांकि, वास्तविक लाभ उड़ानों की नियमितता, उपलब्ध सीटों, किराये और मौसम के अनुसार संचालन पर निर्भर करेगा।
यह सेवा क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम यात्रियों के लिए विमानन सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में इस तरह की सेवाओं का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि यहां कई स्थानों तक सड़क से पहुंचने में लंबा समय लगता है।
सप्ताह में तीन दिन उड़ानें, अन्य मार्गों पर भी मिलेगी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत शिमला-रामपुर-रिकांगपिओ मार्ग पर सप्ताह में तीन दिन, सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को हेलीकॉप्टर उड़ानें संचालित की जाएंगी। निर्धारित दिनों में सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने में सुविधा मिलेगी। रामपुर-रिकांगपिओ के लिए हवाई संपर्क मजबूत होने से इन क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को सड़क मार्ग के अलावा एक वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जा रही हैं। शिमला-मनाली मार्ग पर मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। इससे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली तक पहुंचने के लिए यात्रियों को हवाई यात्रा का विकल्प मिल सकेगा। मनाली देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और यहां पर्यटन गतिविधियों के विस्तार में बेहतर परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अतिरिक्त चंडीगढ़-संजौली मार्ग पर भी सप्ताह में तीन दिन हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करने की व्यवस्था बताई गई है। इससे चंडीगढ़ और शिमला के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक अन्य विकल्प मिलेगा। हालांकि, इस मार्ग की उड़ानों के सटीक दिन, समय और उपलब्धता की जानकारी यात्रा से पहले संबंधित संचालक से प्राप्त करना आवश्यक होगा। हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन में पवन हंस लिमिटेड और हेरिटेज एविएशन जैसी विमानन एजेंसियों की भूमिका है। इन सेवाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना और पहाड़ी इलाकों में परिवहन के वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देना है। उड़ान योजना के तहत छोटे और कम सुविधा वाले हवाई मार्गों को विकसित करने पर जोर दिया जाता है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के यात्रियों को भी हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिमला, मनाली, रामपुर और किन्नौर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करते हैं। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटकों के यात्रा समय में कमी आ सकती है और सीमित समय में यात्रा करने वालों को सुविधा मिल सकती है। इसके साथ ही स्थानीय कारोबार, होटल, टैक्सी सेवाओं और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सफलता मौसम, दृश्यता, सुरक्षा मानकों और नियमित उड़ान संचालन पर निर्भर करती है।
खराब मौसम के कारण उड़ानों में बदलाव या रद्द होने की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए यात्रियों के लिए जरूरी होगा कि वे टिकट बुक करने से पहले उड़ान का समय, किराया, सामान संबंधी नियम और मौसम के कारण संभावित बदलावों की जानकारी हासिल करें। कुल मिलाकर शिमला से रामपुर और रिकांगपिओ के लिए शुरू हुई नई हेलीकॉप्टर सेवा हिमाचल प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने, यात्रा का समय घटाने और पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत होंगी। यदि सेवा नियमित रूप से संचालित होती है और यात्रियों को सुविधाजनक किराये पर सीटें उपलब्ध होती हैं, तो यह पहाड़ी राज्य में हवाई संपर्क को नई दिशा दे सकती है।

