जापान के आइची-नगोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में भारत ने आज, सोमवार को दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या छह तक पहुंचा दी। सोमवार को भारतीय खिलाड़ियों ने एक के बाद एक कई मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन किया। दिन के चार पदकों में तीन निशानेबाजी से आए, जबकि एक पदक मिश्रित मार्शल आर्ट्स में सुचिका तारियाल ने जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही भारत की निशानेबाजी टीम ने अब तक पांच पदक अपने नाम कर लिए हैं। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने 252.4 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन के शेंग लिहाओ ने 254.2 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि भारत के ही रुद्रांक्ष पाटिल ने 230.9 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एक ही स्पर्धा में दो भारतीय निशानेबाजों का पदक जीतना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि रही। इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल की टीम स्पर्धा में भी भारतीय तिकड़ी ने रजत पदक जीता। पार्थ राकेश माने, रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लों की टीम ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए। चीन की टीम 1899.9 अंक के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि दक्षिण कोरिया ने 1884.2 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत को एक ही दिन निशानेबाजी में तीन पदक मिले।
भारत के लिए सोमवार की एक और बड़ी उपलब्धि मिश्रित मार्शल आर्ट्स में आई। सुचिका तारियाल ने महिलाओं की 60 किलोग्राम पारंपरिक मिश्रित मार्शल आर्ट्स स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियन गेम्स में भारत का इस खेल में पहला पदक है। सुचिका ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की खिलाड़ी को हराकर पदक पक्का किया था। सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून टीओ के खिलाफ मुकाबला अतिरिक्त दौर तक गया, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कांस्य पदक के साथ उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
सुचिका की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिश्रित मार्शल आर्ट्स को इस संस्करण में पहली बार एशियन गेम्स के कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस खेल में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली सुचिका 36 वर्ष की हैं और इससे पहले जूडो, कुराश और जिउ-जित्सु जैसी मार्शल आर्ट्स स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
दूसरे दिन पदकों के अलावा भारतीय टीम के लिए कई मुकाबलों में सकारात्मक नतीजे भी सामने आए। महिला हॉकी टीम ने इंडोनेशिया के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की, जबकि पुरुष कबड्डी टीम ने जापान को हराकर अपने अभियान को मजबूती दी। टेबल टेनिस में भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान की टीमों को मात दी और खास बात यह रही कि पाकिस्तानी खिलाड़ी एक भी गेम जीतने में सफल नहीं रहे।
भारत की पदक तालिका, एशियन गेम्स का इतिहास और इस बार क्या खास
दूसरे दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल छह पदक हो गए हैं। इनमें चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। ताजा उपलब्ध पदक तालिका में भारत 10वें स्थान पर है। चीन शुरुआती दौर में शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया उसके पीछे हैं। हालांकि पदक तालिका प्रतियोगिताओं के नतीजों के साथ लगातार बदल रही है, इसलिए अलग-अलग समय पर देशों की स्थिति में बदलाव हो सकता है। इस बार एशियन गेम्स की शुरुआत 19 सितंबर 2026 को जापान के आइची और नगोया क्षेत्र में हुई है और इसका समापन 4 अक्टूबर 2026 को होगा। यह 16 दिनों तक चलने वाला 20वां एशियाई खेल आयोजन है। जापान में एशियन गेम्स का आयोजन तीसरी बार हो रहा है। इससे पहले जापान ने 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इस बार प्रतियोगिताएं नगोया के साथ-साथ आइची प्रांत और जापान के कुछ अन्य शहरों में भी आयोजित की जा रही हैं।
एशियन गेम्स की शुरुआत 1951 में नई दिल्ली से हुई थी। इसके बाद यह प्रतियोगिता एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में शामिल हो गई। पिछली बार 19वें एशियन गेम्स का आयोजन चीन के हांगझोउ में 2023 में हुआ था। यह प्रतियोगिता मूल रूप से 2022 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे एक साल के लिए टाल दिया गया था। हांगझोउ एशियन गेम्स में चीन पदक तालिका में शीर्ष पर रहा था और उसने 201 स्वर्ण पदक जीते थे। नगोया एशियन गेम्स में इस बार 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में 43 खेलों में 469 पदक स्पर्धाएं रखी गई हैं।
इस संस्करण में मिश्रित मार्शल आर्ट्स के अलावा पेडल, सर्फिंग, वर्चुअल ताइक्वांडो और टेकबॉल जैसे खेल भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। वहीं कुछ खेलों को पिछले संस्करण की तुलना में कार्यक्रम से बाहर किया गया है।
भारत की शुरुआत निशानेबाजी में खास तौर पर मजबूत रही है। छह पदकों में पांच पदक निशानेबाजी से आ चुके हैं, जबकि सुचिका तारियाल का कांस्य पदक मिश्रित मार्शल आर्ट्स से आया है। अब 4 अक्टूबर तक भारतीय खिलाड़ियों के सामने कई और स्पर्धाएं हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में पदक तालिका में भारत की स्थिति और पदकों की संख्या दोनों बदल सकती हैं।

