खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान को कोर्ट से बड़ी राहत : गिरफ्तारी पर लगी रोक, अगले आदेश तक नहीं होगी कार्रवाई

पटना में चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है और स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाए। अदालत के इस फैसले के बाद फैजल खान और उनके समर्थकों को बड़ी राहत मिली है, वहीं मामले पर सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान फैजल खान की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर बहस की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब कर ली और कहा कि जब तक अगला आदेश नहीं आता, तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। फैजल खान के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौर्य ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 

उन्होंने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का नाम बाद में एफआईआर में जोड़ा गया और मामले के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। दरअसल पूरा मामला 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में हुए हंगामे और विवाद से जुड़ा हुआ है। उस रात कोचिंग परिसर के बाहर और अंदर तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। 

जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों के नाम शामिल किए, जिनमें बाद में फैजल खान का नाम भी जोड़ा गया। मामले में आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत जांच की जा रही है। इसी कारण फैजल खान ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के ताजा आदेश से उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है। इस मामले ने बिहार के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में भी व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। खान सर देश के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं और बड़ी संख्या में छात्र उनके संस्थान से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मामले और कानूनी कार्रवाई को लेकर छात्रों के बीच भी लगातार चर्चा बनी हुई है।

अब मामले की जांच और अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण नाम ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद का है। रौशन आनंद के साथ-साथ खान सर के दो सुरक्षाकर्मी दीपक कुमार और तालेबर सिंह की याचिकाओं पर भी अदालत में सुनवाई हो चुकी है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। न्यायालय का मानना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जा सकती है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई है। 

रौशन आनंद की याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई थी और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द निर्णय आ सकता है। रौशन आनंद के समर्थन में छात्रों ने कैंडल मार्च भी निकाला था और उनकी रिहाई की मांग की थी। इससे साफ है कि यह मामला केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्र समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। 2 जून की रात हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। 

पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की। इसी जांच के क्रम में कई नए नाम सामने आए और प्राथमिकी में संशोधन भी किया गया। फिलहाल अदालत का ताजा आदेश फैजल खान के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गिरफ्तारी पर रोक लगने से उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। वहीं पुलिस को भी मामले से संबंधित सभी तथ्यों और सबूतों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत केस डायरी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला ले सकती है। यह मामला न केवल बिहार के शैक्षणिक जगत बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में अदालत के अगले आदेश और पुलिस जांच की दिशा इस पूरे प्रकरण की तस्वीर और अधिक स्पष्ट करेगी।

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