दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आने वाले समय में दिल्ली बॉर्डर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुगम और जाम-मुक्त होगा। इसके लिए नोएडा डीएनडी फ्लाईवे से यमुना नदी के किनारे-किनारे एक आधुनिक 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो सीधे गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पास घरबरा तक पहुंचेगा और वहां से यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़कर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
साथ ही दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी घटेगा और लोगों को लंबी दूरी तय करने में बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। यह परियोजना राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने वाली योजनाओं में शामिल मानी जा रही है। तेजी से विकसित हो रहे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए सरकार लगातार नई सड़क परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब डीएनडी फ्लाईवे से एयरपोर्ट तक एक सीधा और आधुनिक मार्ग तैयार करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया है।
पहले इस सड़क को यमुना तटबंध के ऊपर बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इनकार कर दिया। विभाग ने तटबंध की सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद योजना में बदलाव किया गया और अब तटबंध के समानांतर लगभग 35.1 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस पूरी परियोजना का निर्माण और क्रियान्वयन करेगा। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे में आठ लेन का आधुनिक एलिवेटेड ढांचा तैयार किया जाएगा, जबकि दो लेन मौजूदा सड़क नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी ताकि स्थानीय यातायात भी आसानी से इस मार्ग का उपयोग कर सके। यह परियोजना भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
चिल्ला से मयूर विहार तक बनेगा नया कनेक्टिविटी हब, एनसीआर के तीन बड़े एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ेंगे
सोमवार को नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस परियोजना पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। शासन स्तर पर इसकी पूरी जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंप दी गई है, जिससे निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। प्रस्तावित मार्ग की शुरुआत नोएडा डीएनडी फ्लाईवे के टोल प्लाजा के पास से होगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे यमुना तटबंध के समानांतर आगे बढ़ते हुए चिल्ला रेगुलेटर, सेक्टर-94 क्षेत्र और मयूर विहार लिंक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरेगा। इसका अंतिम छोर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पास घरबरा गांव होगा, जहां से यह सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस प्रकार दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बिना किसी बड़े ट्रैफिक अवरोध के सीधी यात्रा संभव हो सकेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ चिल्ला और मयूर विहार क्षेत्र को मिलेगा, जो आने वाले समय में एनसीआर का प्रमुख कनेक्टिविटी हब बनकर उभरेगा। वर्तमान में एनएचएआई की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे परियोजनाएं अक्षरधाम क्षेत्र से होकर गुजर रही हैं। इन दोनों मार्गों की संपर्क सड़कें मयूर विहार के रास्ते चिल्ला एलिवेटेड रोड से जुड़ेंगी। इसके बाद डीएनडी फ्लाईवे तीन बड़े राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जंक्शन बन जाएगा। यह परियोजना केवल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी। उद्योग, व्यापार, पर्यटन और निवेश के लिहाज से भी यह एक्सप्रेसवे बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद यात्रियों और माल परिवहन की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह मार्ग यातायात का मुख्य आधार बनेगा। साथ ही शहर के अंदर वाहनों की भीड़ कम होने, यात्रा समय में कमी आने और ईंधन की बचत जैसे कई सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलेंगे। बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और एनसीआर का परिवहन नेटवर्क पहले से अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बन सकेगा। यही वजह है कि इस परियोजना को राजधानी क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में से एक माना जा रहा है।

