लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शुक्रवार, 17 जुलाई को देहरादून पहुंचकर छात्रों के साथ सीधे संवाद करेंगे। राजधानी देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में शाम पांच बजे आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस से लेकर युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और छात्र संगठनों के पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम को केवल एक राजनीतिक सभा के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद के मंच के रूप में पेश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं के भविष्य और देश की मौजूदा परिस्थितियों जैसे अहम मुद्दों पर छात्रों की बात सुनेंगे और उनके सवालों का जवाब भी देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना बताया जा रहा है।
राहुल गांधी के देहरादून दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लगातार बैठकों का दौर जारी है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अलग-अलग समितियों को सौंपी गई है। यातायात, सुरक्षा, मंच, मीडिया, पार्किंग, स्वयंसेवकों की तैनाती और छात्रों के स्वागत की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार आयोजन स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, शिक्षा की बढ़ती लागत और रोजगार के सीमित अवसरों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का यह संवाद कार्यक्रम युवाओं को अपनी बात सीधे रखने का अवसर देगा। कांग्रेस का मानना है कि छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है और इसी सोच के साथ इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से छात्रों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने जिला इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया है। जिलाध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं को कार्यक्रम में शामिल कराने की जिम्मेदारी दी गई है। कई स्थानों से बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र आसानी से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकें। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास संपर्क अभियान चला रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी कार्यक्रम का व्यापक प्रचार किया जा रहा है। पोस्टर, बैनर और डिजिटल अभियान के जरिए छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम युवाओं की आकांक्षाओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं और छात्र संगठनों में उत्साह, बड़ी भागीदारी का दावा
राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेताओं और छात्र संगठनों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज को मजबूत करने का प्रयास है। पार्टी का दावा है कि प्रदेशभर से हजारों छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचेंगे। कांग्रेस के पदाधिकारी लगातार संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे हैं। आयोजन स्थल पर स्वयंसेवकों की तैनाती, प्रवेश और निकास व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पार्टी चाहती है कि कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित और सफल रहे। एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के छात्र नेताओं में भी कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह है। छात्र नेता अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उनका कहना है कि छात्रों के सामने आज रोजगार, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, शोध के अवसर और पलायन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर राहुल गांधी से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। कांग्रेस का कहना है कि उत्तराखंड जैसे युवा राज्य में शिक्षा और रोजगार सबसे बड़े मुद्दे हैं। ऐसे में छात्रों की राय जानना और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना आवश्यक है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस संवाद से छात्रों को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर मिलेगा और उनके सुझाव भविष्य की नीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। राहुल गांधी के देहरादून आगमन को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ता स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अंतिम दौर की तैयारियां चल रही हैं। पार्टी का दावा है कि यह कार्यक्रम उत्तराखंड की राजनीति में युवाओं की भागीदारी को नया संदेश देगा और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस कार्यक्रम पर टिकी हुई है, क्योंकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में देहरादून का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम केवल एक संवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीतिक और छात्र राजनीति की दिशा पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

