फीफा विश्व कप : ब्राजील का सपना टूटा, स्टार फुटबॉलर नेमार ने लिया संन्यास, नॉर्वे पहली बार पहुंचा क्वार्टर फाइनल 

पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का फीफा विश्व कप 2026 का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। सोमवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इस हार के साथ ही ब्राजील का खिताब जीतने का सपना टूट गया, जबकि स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर अपने शानदार करियर का अंत कर दिया। मैच खत्म होने के बाद 34 वर्षीय नेमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैंने पूरी कोशिश की। मेरा सफर यहीं से शुरू हुआ था और अब यहीं खत्म हो गया। ब्राजील के लिए मेरा अध्याय अब समाप्त हो चुका है।” खास बात यह रही कि नेमार ने 2010 में इसी मैदान (तत्कालीन मेटलाइफ स्टेडियम) पर अमेरिका के खिलाफ ब्राजील की ओर से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और अब इसी मैदान पर उन्होंने अपने करियर का आखिरी मैच भी खेला। 

नॉर्वे की जीत के सबसे बड़े नायक एरलिंग हालैंड रहे, जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। दूसरी ओर, नेमार ने इंजरी टाइम में पेनल्टी पर गोल कर ब्राजील की उम्मीदें जगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। यह गोल केवल हार का अंतर कम कर सका। ब्राजील ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और पहले हाफ में कई बेहतरीन मौके बनाए। 15वें मिनट के आसपास VAR रिव्यू के बाद टीम को पेनल्टी मिली, जिससे शुरुआती बढ़त लेने का शानदार अवसर था। हालांकि ब्रूनो गुइमारेस का शॉट नॉर्वे के अनुभवी गोलकीपर ऑर्जन नीलैंड ने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया। यह मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। नीलैंड यहीं नहीं रुके। उन्होंने गेब्रियल मार्टिनेली और विनीसियस जूनियर के लगातार दो प्रयास भी विफल कर दिए। उनकी बेहतरीन गोलकीपिंग के कारण पहला हाफ बिना किसी गोल के 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। दूसरे हाफ में भी ब्राजील ने आक्रामक खेल जारी रखा। 

युवा स्ट्राइकर एंड्रिक के पास गोल करने का आसान मौका था, लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सके। इसके तुरंत बाद नॉर्वे ने तेज जवाबी हमला बोला और ब्राजील की रक्षा पंक्ति को चौंका दिया। 72वें मिनट में एंड्रियास शेल्डरप ने बाएं छोर से शानदार क्रॉस दिया। एरलिंग हालैंड ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ ऊंची छलांग लगाई और दमदार हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर नॉर्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। गोल खाने के बाद ब्राजील ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन नॉर्वे का रक्षात्मक खेल और नीलैंड की शानदार गोलकीपिंग लगातार उनके रास्ते में दीवार बनती रही। मैच के अंतिम क्षणों में जब ब्राजील पूरी तरह आक्रमण में व्यस्त था, तब नॉर्वे ने एक और तेज काउंटर अटैक किया। इंजरी टाइम शुरू होने से ठीक पहले हालैंड ने डेनिलो के पैरों के बीच से गेंद निकालते हुए शानदार फिनिश किया और अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद इंजरी टाइम के 10वें मिनट में नेमार ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 2-1 जरूर किया, लेकिन वापसी की कोई संभावना नहीं बची थी। ब्राजील 1990 के बाद पहली बार विश्व कप के इतने शुरुआती नॉकआउट चरण में बाहर हुआ है। वहीं, नॉर्वे ने पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर नया इतिहास रच दिया। अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने प्री-क्वार्टर फाइनल में मेजबान मेक्सिको को 3-2 से हराया।

नेमार के संन्यास के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम अध्याय, अंतरराष्ट्रीय करियर में 130 मैच खेले

लगातार चोटों से जूझ रहे नेमार इस विश्व कप में केवल दो मुकाबले ही खेल पाए। नॉर्वे के खिलाफ उन्हें दूसरे हाफ में मैदान पर उतारा गया और उन्होंने पेनल्टी पर गोल कर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम गोल दर्ज किया। मैच के बाद ब्राजील के कप्तान मार्किन्योस ने कहा कि अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे आने का समय है और उन्हें उम्मीद है कि प्रशंसक नए खिलाड़ियों को समर्थन देंगे। नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 130 मैच खेले। ब्राजील की ओर से उनसे अधिक मैच केवल दिग्गज काफू (142) ने खेले हैं। अपने अंतिम मुकाबले में गोल करते हुए नेमार ने महान फुटबॉलर पेले के एक और रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार अलग-अलग फीफा विश्व कप में गोल करने का कारनामा किया। 

हालांकि कुल अंतरराष्ट्रीय गोलों के मामले में नेमार पहले ही पेले को पीछे छोड़ चुके हैं। पेले ने ब्राजील के लिए 77 गोल किए थे, जबकि नेमार के नाम अब 80 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं। दूसरी ओर, एरलिंग हालैंड ने भी अपनी चमक बिखेरी। इस मुकाबले में दो गोल करने के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या सात तक पहुंचा दी। इसके साथ ही वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी और किलियन एमबाप्पे की बराबरी पर पहुंच गए। ब्राजील के लिए यह हार केवल एक टूर्नामेंट से बाहर होना नहीं, बल्कि एक चिंताजनक सिलसिला भी है। यह लगातार छठा फीफा विश्व कप है, जिसमें उसे किसी यूरोपीय टीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 

2006 में फ्रांस, 2010 में नीदरलैंड, 2014 में जर्मनी, 2018 में बेल्जियम, 2022 में क्रोएशिया और अब 2026 में नॉर्वे ने ब्राजील के विश्व कप अभियान का अंत किया। उधर, नॉर्वे ने साबित कर दिया कि अब वह केवल उभरती हुई टीम नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल की नई ताकत बन चुका है। हालैंड की अगुआई में टीम ने अनुशासित रक्षा, प्रभावी जवाबी हमले और शानदार गोलकीपिंग के दम पर पांच बार की चैंपियन ब्राजील को बाहर का रास्ता दिखाकर विश्व फुटबॉल में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। अब क्वार्टर फाइनल में उसकी नजर इंग्लैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाने पर होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart