उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रहीं हैं। कई शहरों में तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, जिससे घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो नियमित रूप से जिम जाते हैं या खुली जगहों पर व्यायाम करते हैं। गर्मी के कारण शरीर जल्दी थकने लगता है, ज्यादा पसीना निकलता है और पानी की कमी तेजी से होने लगती है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
डॉक्टर के अनुसार गर्मियों में बिना सावधानी के व्यायाम करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। तेज गर्मी में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और अगर सही समय पर पानी और आराम न मिले तो हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
यही वजह है कि डॉक्टर इस मौसम में व्यायाम का तरीका बदलने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार गर्मियों में व्यायाम करने का सबसे सही समय सुबह 5 बजे से 8 बजे तक या शाम 6 बजे के बाद माना जाता है। इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है और शरीर पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। सुबह की ताजी हवा शरीर को ऊर्जा देती है और दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करती है। वहीं शाम का हल्का व्यायाम दिनभर की थकान कम करने में फायदेमंद माना जाता है। दोपहर के समय व्यायाम करने से बचना चाहिए। दोपहर में सूर्य की गर्मी सबसे ज्यादा होती है और इस दौरान शरीर जल्दी ओवरहीट हो जाता है। ज्यादा देर तक धूप में रहने या भारी कसरत करने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
कई लोगों को इस दौरान चक्कर, उल्टी, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में कपड़ों का चयन भी बेहद जरूरी होता है। व्यायाम करते समय हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और पसीना आसानी से सूख सके। बहुत ज्यादा टाइट कपड़े शरीर की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देते, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। व्यायाम शुरू करने से पहले, दौरान और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पेय भी शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। ये शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
गर्मियों में फिट रहने के लिए खानपान और शरीर के संकेतों को समझना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। शरीर को ठंडक देने वाले और पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ इस मौसम में ज्यादा लाभदायक होते हैं। तरबूज, खीरा, खरबूजा, संतरा और दही जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ पानी की कमी भी दूर करते हैं। वहीं ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और भारी भोजन शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है। खाली पेट भारी व्यायाम करने से भी बचना चाहिए। इससे शरीर जल्दी थक सकता है और कमजोरी महसूस हो सकती है।
व्यायाम से पहले हल्का और पौष्टिक भोजन लेना बेहतर माना जाता है। वहीं व्यायाम के बाद शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी होता है ताकि शरीर दोबारा ऊर्जा हासिल कर सके। डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि शरीर के संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर व्यायाम करते समय ज्यादा पसीना आए, सांस फूलने लगे, सिर घूमने लगे या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत रुक जाना चाहिए। कई लोग फिटनेस के दबाव में शरीर की क्षमता से ज्यादा मेहनत करने लगते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या सांस संबंधी समस्या है, उन्हें गर्मियों में व्यायाम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए। पर्याप्त नींद लेना भी गर्मियों में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी माना जाता है। नींद पूरी न होने पर शरीर जल्दी थकता है और व्यायाम के दौरान ऊर्जा की कमी महसूस होती है। डॉक्टरों का कहना है कि फिट रहने का मतलब केवल भारी कसरत करना नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखना है। अगर सही समय, सही खानपान और जरूरी सावधानियों का ध्यान रखा जाए तो भीषण गर्मी में भी खुद को फिट और ऊर्जावान रखा जा सकता है।

