यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए सरकार : सोलंकी

राजधानी दिल्ली की महत्वाकांक्षी द्वारका उपनगरी को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई थी, लेकिन वर्तमान में जल निकासी व्यवस्था से जुड़ी गंभीर लापरवाही क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है।

द्वारका क्षेत्र के बीचों-बीच वर्षा जल निकासी के लिए निर्मित पालम ड्रेन में पिछले कई वर्षों से सीवर का गंदा पानी छोड़े जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते डीडीए फ्लैट्स का सीवर जल सीधे पालम ड्रेन में प्रवाहित किया जा रहा है, जिससे न केवल क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि यमुना सफाई अभियान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

क्षेत्र के समाजसेवी, फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन एवं राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणबीर सिंह सोलंकी ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विगत कई वर्षों से जल बोर्ड के अधिकारियों को समाचार पत्रों तथा व्यक्तिगत रूप से इस समस्या के बारे में अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि पालम ड्रेन से सटे सेक्टर-3, पॉकेट-16 स्थित आदर्श अपार्टमेंट सहित आसपास के निवासी दुर्गंध और गंदगी के कारण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लगातार फैल रही बदबू और प्रदूषण के कारण बुजुर्गों एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, लोगों के घरों में लगे एयर कंडीशनर भी दूषित वातावरण के कारण कम समय में खराब हो रहे हैं।

सोलंकी ने कहा कि मधु विहार, राजापुरी, महावीर एन्क्लेव तथा आसपास के अनेक क्षेत्रों के लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन दुर्गंध और गंदगी के कारण आमजन का चलना तक दूभर हो गया है।

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पालम ड्रेन में गिर रहे सीवर के गंदे पानी को अविलंब रोका जाए, ताकि यमुना नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके तथा क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart