राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंच गईं। उनके आगमन के साथ ही राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन तक पूरे मार्ग पर सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद रहीं। राष्ट्रपति के स्वागत और आवागमन को लेकर प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं, जिसके तहत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात को निर्धारित समय तक नियंत्रित रखा गया। राष्ट्रपति का विमान शुक्रवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा, जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया था और सुरक्षा एजेंसियों ने हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी।
स्वागत कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन के लिए रवाना हुआ। उनके गुजरने वाले पूरे मार्ग का पहले ही सुरक्षा ऑडिट किया जा चुका था। मार्ग के दोनों ओर पुलिस बल, यातायात कर्मी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। राष्ट्रपति के काफिले के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए कई स्थानों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका गया। राष्ट्रपति निकेतन पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु के रात्रि विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है। उनके प्रवास को देखते हुए राष्ट्रपति निकेतन और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर राजधानी में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और लॉजों में ठहरे लोगों का सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने राष्ट्रपति के दौरे को सुचारु बनाने के लिए शुक्रवार और शनिवार के लिए अलग-अलग ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किए हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित यातायात मार्गों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए आईएमए परिसर और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। देश की सबसे गौरवशाली सैन्य परंपराओं में शामिल इस समारोह में वह परेड की सलामी लेंगी और प्रशिक्षण पूरा कर चुके जेंटलमैन कैडेट्स के अंतिम कदमताल की साक्षी बनेंगी। परेड के साथ ही कैडेट्स का लंबा और कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा होगा तथा वे भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार होंगे।आईएमए की पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए कैडेट्स अपने प्रशिक्षण के अंतिम पड़ाव को पार करते हुए सेना के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा बनेंगे। परेड मैदान में होने वाला ‘अंतिम पग’ का क्षण विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जिसे देखने के लिए कैडेट्स के परिजन और सैन्य अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए आईएमए परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले रखा है। परेड स्थल पर प्रवेश करने वाले सभी लोगों की गहन जांच की जा रही है, जबकि कार्यक्रम स्थल के आसपास ड्रोन और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरणों से भी नजर रखी जा रही है। राजधानी देहरादून में राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया गया है, जिससे आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और राष्ट्रपति के कार्यक्रम सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सकें।आईएमए के आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहराव स्थलों का सत्यापन अभियान लगातार जारी है। खुफिया एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। इस भव्य आयोजन में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सैन्य संस्थानों के प्रतिनिधि, गणमान्य अतिथि और कैडेट्स के परिजन शामिल होंगे।

