श्राद्ध पक्ष में बदरीनाथ धाम में उमड़ी आस्था, पिंडदान-तर्पण के लिए पहुंचे देश-विदेश से लोग, टूटा पिछला रिकॉर्ड

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। एक ओर श्राद्ध पक्ष के चलते देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करने पहुंच रहे हैं, तो दूसरी ओर भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए भी भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। यही वजह है कि इस वर्ष बदरीनाथ धाम की यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। अक्टूबर की शुरुआत में ही धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 18 लाख 70 हजार के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम में वर्ष 2023 में बना 18 लाख 39 हजार श्रद्धालुओं का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड भी टूट गया है। खास बात यह है कि यात्रा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए इस यात्रा सीजन में बदरीनाथ धाम नया रिकॉर्ड कायम कर चुका है और अंतिम आंकड़ा इससे भी आगे जा सकता है। 

श्राद्ध पक्ष के दौरान बदरीनाथ धाम में स्थित ब्रह्मकपाल तीर्थ का विशेष महत्व माना जाता है। पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से लोग यहां पहुंच रहे हैं। कई परिवार अपने पूर्वजों के लिए धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के बाद श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। बदरीनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष शुरुआत से ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण चर्चा में रही है। कपाट खुलने के बाद लगातार भक्तों की आवाजाही बनी रही। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। अब श्राद्ध पक्ष में पिंडदान के लिए उमड़ रही भीड़ ने यात्रा को और गति दे दी है।

बदरीनाथ धाम केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं है, बल्कि श्राद्ध और पितृ कर्म के लिए भी देशभर में विशेष महत्व रखता है। ब्रह्मकपाल में पिंडदान के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां परिवारों की मौजूदगी बढ़ जाती है। इस बार भी यही तस्वीर देखने को मिल रही है। सुबह से ही श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंच रहे हैं और इसके बाद मंदिर में दर्शन कर रहे हैं।

18 लाख 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार करना बदरीनाथ यात्रा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वर्ष 2023 में 18 लाख 39 हजार श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए थे। इस आंकड़े को अब पीछे छोड़ दिया गया है। यानी पिछले रिकॉर्ड की तुलना में इस बार पहले ही हजारों अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंच चुके हैं।

यात्रा में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या का असर बदरीनाथ और आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। तीर्थ यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय कारोबार को भी गति मिल रही है। होटल, धर्मशालाओं, परिवहन, प्रसाद और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी यात्रा सीजन महत्वपूर्ण बना हुआ है।

हेमकुंड साहिब में भी नया रिकॉर्ड, कपाट बंद होने में पांच दिन बाकी

बदरीनाथ धाम के साथ ही सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में भी इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक तीन लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। खास बात यह है कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने में अभी पांच दिन का समय बाकी है। ऐसे में अंतिम दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

समुद्र तल से करीब 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब की यात्रा सीमित अवधि के लिए संचालित होती है। कठिन पहाड़ी रास्ते और ऊंचाई के बावजूद हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष तीन लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना यात्रा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब दोनों ही उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थलों में शामिल हैं। इस वर्ष दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। बदरीनाथ धाम में जहां श्राद्ध पक्ष के दौरान ब्रह्मकपाल पर पिंडदान और तर्पण के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, वहीं हेमकुंड साहिब में भी यात्रा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है।

बदरीनाथ धाम में 18.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना यह बताता है कि इस वर्ष तीर्थयात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। पिछले रिकॉर्ड के टूटने के बाद अब नजर इस बात पर है कि यात्रा समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की संख्या कितने नए आंकड़े तक पहुंचती है।वहीं हेमकुंड साहिब में कपाट बंद होने से पहले बचे पांच दिन भी महत्वपूर्ण हैं। इन दिनों में मौसम अनुकूल रहने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। इससे हेमकुंड साहिब की यात्रा का आंकड़ा भी और ऊपर जाने की संभावना है।

उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा के लिए यह वर्ष बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। बदरीनाथ धाम में श्राद्ध पक्ष के दौरान पिंडदान और तर्पण के लिए उमड़ी भीड़ ने यात्रा को नया धार्मिक रंग दिया है, वहीं श्रद्धालुओं की कुल संख्या ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब यात्रा के अंतिम आंकड़ों का इंतजार है, जिससे यह साफ होगा कि इस वर्ष बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कितने नए स्तर तक पहुंचती है।

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