हिमाचल के मनाली में सजेगा पैराग्लाइडिंग का रोमांच, 9 से 12 अक्टूबर तक होगा प्री-वर्ल्ड कप, छह देशों के 84 पायलट दिखाएंगे हुनर

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली जल्द ही आसमान में रोमांच और हुनर का शानदार संगम देखने को तैयार है। सोलंगनाला की पहाड़ियों पर 9 से 12 अक्टूबर तक पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप का आयोजन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में भारत के साथ तुर्की, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन और नेपाल के पैराग्लाइडिंग पायलट हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता के लिए अब तक 84 पायलट पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें छह महिला पायलट भी शामिल हैं। ऐसे में चार दिनों तक सोलंगनाला का आसमान पैराग्लाइडिंग के रोमांच से गुलजार रहेगा। पहले इस प्रतियोगिता का आयोजन 5 से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित था, लेकिन राष्ट्रपति के अटल टनल रोहतांग के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए आयोजन की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब प्रतियोगिता 9 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगी। तारीखों में बदलाव के बावजूद आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं और आयोजक इसे सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप फेडरेशन ऑफ एयरोस्पोर्ट्स इंटरनेशनल (एफएआई) की कैटेगरी-2 फ्लाइंग के तहत आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में केवल एफएआई से मान्यता प्राप्त पैराग्लाइडिंग पायलट ही हिस्सा ले सकेंगे। इससे प्रतियोगिता के स्तर और नियमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पायलटों को उड़ान के दौरान अपने कौशल, नियंत्रण और सटीकता का प्रदर्शन करना होगा।

सोलंगनाला को इस आयोजन के लिए चुना जाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

मनाली पहले से ही देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फीली पहाड़ियों और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए लोकप्रिय है। पैराग्लाइडिंग जैसे रोमांचक खेल के बड़े आयोजन से यहां आने वाले पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलेगा। प्रतियोगिता के दौरान देश-विदेश के पायलटों के साथ खेल प्रेमियों और पर्यटकों की मौजूदगी भी बढ़ने की उम्मीद है। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से विभिन्न संस्थानों की टीमें भी हिस्सा लेंगी। भारतीय वायु सेना, भारतीय थल सेना और अर्धसैनिक बलों की टीमें अपने पायलटों के साथ मैदान में उतरेंगी। 

इससे प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा का स्तर और बढ़ेगा। सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षित पायलटों की भागीदारी आयोजन को और खास बनाएगी। प्रतियोगिता के दौरान पैराग्लाइडिंग की तीन मुख्य श्रेणियों में मुकाबले होंगे। अलग-अलग श्रेणियों में पायलट अपनी उड़ान क्षमता और सटीकता का प्रदर्शन करेंगे। एक्यूरेसी प्रतियोगिता में पायलटों के लिए केवल हवा में उड़ना ही चुनौती नहीं होगा, बल्कि निर्धारित लक्ष्य के बेहद करीब उतरना भी उनके कौशल की बड़ी परीक्षा होगी। यही वजह है कि इस प्रतियोगिता में पायलट की एकाग्रता, अनुभव और हवा की परिस्थितियों को समझने की क्षमता अहम भूमिका निभाएगी।

पहली बार सोलंगनाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन, पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार

सोलंगनाला पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन पहली बार इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ पर्यटन विभाग का सहयोग भी लिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पायलटों की भागीदारी बढ़ने के साथ आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह का माहौल है। 84 पायलटों का पंजीकरण इस प्रतियोगिता के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। इनमें छह महिला पायलटों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है। भारत के अलावा पांच अन्य देशों के पायलटों के शामिल होने से सोलंगनाला में होने वाली प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिलेगा। अलग-अलग देशों के पायलटों को एक ही स्थान पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी उच्च स्तर की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता देखने का मौका मिलेगा।

मनाली में अक्टूबर का समय पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है। गर्मियों के पर्यटन सत्र के बाद यहां साहसिक गतिविधियों और प्राकृतिक पर्यटन का आकर्षण बना रहता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के आयोजन से पर्यटन गतिविधियों को अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले पायलटों, अधिकारियों, आयोजकों और उनके साथ आने वाले लोगों के ठहरने, भोजन और स्थानीय आवागमन से होटल, रेस्तरां, टैक्सी, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और अन्य स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। स्थानीय कारोबारियों में भी आयोजन को लेकर उत्साह है। उनका मानना है कि इस तरह के बड़े आयोजन मनाली की पहचान को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत कर सकते हैं। पैराग्लाइडिंग पहले से ही मनाली आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय गतिविधियों में शामिल है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता होने से सोलंगनाला को पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की संभावना है।

आयोजकों के सामने प्रतियोगिता के दौरान मौसम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता रखनी होगी। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए उड़ानों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। एफएआई के नियमों के तहत होने वाली प्रतियोगिता में अनुभवी और मान्यता प्राप्त पायलटों की भागीदारी से आयोजन की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर रहेगा।

सोलंगनाला में होने वाला यह प्री-वर्ल्ड कप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि मनाली के साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला आयोजन भी बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय पायलटों की मौजूदगी, भारतीय वायु सेना, थल सेना और अर्धसैनिक बलों की टीमों की भागीदारी तथा बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना इसे खास बनाएगी। 9 से 12 अक्टूबर तक सोलंगनाला के आसमान में होने वाली उड़ानें न केवल पायलटों के कौशल और सटीकता की परीक्षा लेंगी, बल्कि मनाली की खूबसूरत वादियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर सुर्खियों में ला सकती हैं।

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