12 दिन से अटका मानसून अब पकड़ेगा रफ्तार, 23 जून से बढ़ेगा आगे, जानिए किस राज्य में कब होगी मानसूनी बारिश

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 12 दिनों से तेलंगाना में ठहरा हुआ है, लेकिन अब इसके दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून तेलंगाना से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई क्षेत्रों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार बढ़ने से उत्तर भारत में भी बारिश की संभावनाएं मजबूत होंगी। दरअसल, मानसून इस वर्ष सामान्य गति से आगे बढ़ते हुए देश के 19 राज्यों तक पहुंच गया था, लेकिन 8 जून के बाद इसकी रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई और यह तेलंगाना क्षेत्र में ही ठहर गया। मानसून की इस सुस्ती का असर मध्य भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों पर पड़ा, जहां लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस दौरान कई क्षेत्रों में प्री-मानसूनी बारिश हुई, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिली, लेकिन व्यापक मानसूनी बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी बनी रही। 

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी, निम्न दबाव के क्षेत्रों की सक्रियता तथा अनुकूल हवाओं के कारण अब मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहतर हो रही हैं। यही वजह है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ तथा पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और हिमाचल प्रदेश की ओर भी तेजी से बढ़ सकता है। देश के कई हिस्सों में मानसून की देरी के बीच गर्मी का प्रकोप भी जारी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के अनेक शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। 

सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होते ही तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। किसानों के लिए भी मानसून की प्रगति बेहद महत्वपूर्ण है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है और पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई इलाकों में खेती की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। धान, मक्का, सोयाबीन और दलहन फसलों की बुवाई मानसूनी बारिश पर काफी हद तक निर्भर करती है। ऐसे में मानसून की वापसी कृषि क्षेत्र के लिए राहत लेकर आ सकती है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल में कब पहुंचेगा मानसून

मौसम विभाग के मौजूदा अनुमानों के अनुसार 24 से 26 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री हो सकती है। इसके बाद 26 से 28 जून के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश शुरू होने के आसार हैं। दिल्ली-एनसीआर में 27 से 29 जून के बीच मानसून पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जबकि उत्तराखंड में 24 से 27 जून के बीच व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में भी 25 से 28 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की उम्मीद है। पर्वतीय क्षेत्रों में इस दौरान भारी बारिश की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। 

मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 21 जून तक सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद उत्तर भारत के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। लगभग दो सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो जून के अंतिम सप्ताह तक देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का दायरा तेजी से बढ़ जाएगा और लंबे इंतजार के बाद उत्तर भारत भी मानसून की फुहारों से तरबतर हो सकेगा।

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