पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सोमवार को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए राज्य की विकास और कल्याणकारी नीति की स्पष्ट तस्वीर सामने रख दी। सत्ता परिवर्तन के बाद पेश किए गए इस पहले बजट पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी थीं और सरकार ने भी इसे आम जनता की उम्मीदों के अनुरूप बनाने की कोशिश की। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए महिलाओं, युवाओं, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई बड़े ऐलान किए।
सरकार ने यह भी साफ किया कि पिछली सरकार की सभी प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और उनके लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किया गया है। बजट में रोजगार सृजन, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिखाई दिया। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, बेरोजगार युवाओं के लिए मासिक भत्ता, छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग सेंटर, एक लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा और सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जैसे फैसलों ने इस बजट को खास बना दिया है।
बंगाल सरकार का दावा है कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हर वर्ग को सीधा लाभ पहुंचाने का काम करेगा। नई सरकार ने अपने पहले ही बजट में यह संदेश देने की कोशिश की है कि विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और रोजगार उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। खास बात यह रही कि महिलाओं से लेकर युवाओं और कर्मचारियों तक लगभग हर वर्ग के लिए अलग-अलग योजनाओं और राहत पैकेज का ऐलान किया गया, जिससे यह बजट पूरी तरह जनकल्याण केंद्रित नजर आया।
महिलाओं, छात्रों, युवाओं और कर्मचारियों पर शुभेंदु सरकार मेहरबान
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने मुफ्त बस यात्रा योजना के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत पिंक कार्ड धारक महिलाएं राज्य की बसों में निशुल्क सफर कर सकेंगी। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा भी बजट का बड़ा आकर्षण रही। वहीं अन्नपूर्णा योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है ताकि गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा मिलती रहे। विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशन में भी 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है, जिससे लाखों लाभार्थियों को राहत मिलेगी। शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने हर जिले में मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है, जहां छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के भोजन पर खर्च बढ़ाकर 10 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है।
इसके अलावा राज्य की प्रत्येक विधानसभा में 5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं मिल सकें। रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने विभिन्न विभागों में लगभग एक लाख सरकारी नौकरियां देने का ऐलान किया है। इनमें शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और अन्य सरकारी संस्थानों में भर्तियां की जाएंगी। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रखा गया है, जबकि आगामी दो वर्षों तक सरकारी नौकरियों में चयन के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने का फैसला लिया गया है। बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने ‘भरोसा बेरोजगारी भत्ता योजना’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत 21 से 45 वर्ष तक के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। ग्रेजुएट युवाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह और अन्य पात्र युवाओं को 2,000 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलेगा।
हालांकि इस योजना का लाभ केवल उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बजट में बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद कर्मचारियों का डीए बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों का वेतन बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वहीं सिविक वॉलंटियर्स, विलेज पुलिस, ग्रीन पुलिस और होमगार्ड के पारिश्रमिक में 2,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। अपने पहले बजट के जरिए शुभेंदु अधिकारी सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, छात्रों को बेहतर अवसर और कर्मचारियों को आर्थिक राहत देकर राज्य में विकास और जनकल्याण का नया मॉडल स्थापित करना चाहती है। अब इन घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर पूरे राज्य की नजर रहेगी।

