भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। चयन में बड़ी खबर अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की वापसी और मध्य प्रदेश के युवा स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन का पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में चयन है। टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी है, जबकि केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। 15 अगस्त से शुरू होने वाली सीरीज को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भारत की पहली विदेशी चुनौती माना जा रहा है।चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा प्रतिभा के संतुलन को ध्यान में रखते हुए टीम का गठन किया है। हालांकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका अंतिम रूप से खेलना उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। वहीं ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण टीम में जगह नहीं बना सके हैं। इसके अलावा वाशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की समस्या के चलते पहले टेस्ट मुकाबले से बाहर हो गए हैं।
इस टीम चयन में सबसे अधिक चर्चा मध्य प्रदेश के सारांश जैन को लेकर हो रही है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश को पहली बार राष्ट्रीय टेस्ट टीम में मौका मिला है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए टीम के लिए खेले गए दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। इस मैच में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाए और छह विकेट भी अपने नाम किए। उनके इस हरफनमौला प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। सारांश जैन का घरेलू रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 31.75 की औसत से 2,223 रन बनाए हैं। इसके अलावा गेंदबाजी में भी उन्होंने शानदार योगदान देते हुए 188 विकेट हासिल किए हैं। ऑफ स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी की क्षमता उन्हें टीम के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला है। अनुभवी केएल राहुल और युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे। कप्तान शुभमन गिल को मध्यक्रम में अहम जिम्मेदारी दी गई है और वह नंबर चार पर बल्लेबाजी करेंगे। साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल भी बल्लेबाजी इकाई का हिस्सा हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत टीम के प्रमुख विकेटकीपर होंगे, जबकि ध्रुव जुरेल को रिजर्व विकेटकीपर के रूप में शामिल किया गया है। स्पिन विभाग में भारत ने अनुभव और युवा जोश दोनों पर भरोसा जताया है। रवींद्र जडेजा की वापसी से टीम को संतुलन मिलेगा, वहीं कुलदीप यादव अपनी कलाई की फिरकी से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। युवा स्पिनर मानव सुथार भी टीम में अपनी जगह बनाए हुए हैं। उन्होंने अपने टेस्ट पदार्पण मैच में सात विकेट लेकर क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में श्रीलंका की स्पिन अनुकूल परिस्थितियों में भारतीय टीम का स्पिन आक्रमण काफी मजबूत दिखाई दे रहा है।
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी
तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी एक बार फिर अनुभवी और भरोसेमंद गेंदबाजों के कंधों पर रहेगी। जसप्रीत बुमराह को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। यदि बुमराह पूरी तरह फिट रहते हैं तो भारतीय तेज आक्रमण को बड़ी मजबूती मिलेगी। उनके साथ मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद संभालेंगे। सिराज पिछले कुछ वर्षों में विदेशी परिस्थितियों में भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा अपनी अतिरिक्त उछाल और गति से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार भी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 10 विकेट झटके थे। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें टेस्ट टीम में जगह दिलाई है और वह प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। यदि उन्हें मौका मिलता है तो यह उनके करियर का बड़ा अवसर होगा।
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के प्रतिष्ठित एसएससी मैदान पर आयोजित होगा। दोनों मुकाबले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि दोनों टीमें अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी। वर्तमान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे स्थान पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह सीरीज केवल प्रतिष्ठा का नहीं बल्कि अंक तालिका में बढ़त हासिल करने का भी महत्वपूर्ण अवसर होगी। भारत नए कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में विदेशी धरती पर जीत के साथ अभियान की शुरुआत करना चाहेगा।
अगर दोनों देशों के टेस्ट इतिहास पर नजर डालें तो भारत का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी दिखाई देता है। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली जा चुकी हैं। इनमें से 10 सीरीज भारत ने जीती हैं, जबकि श्रीलंका केवल तीन बार ही भारत को हराने में सफल रहा है। चार सीरीज ड्रॉ पर समाप्त हुई हैं। आंकड़े बताते हैं कि दोनों देशों के बीच मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा लंबे समय से कायम रहा है। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने उस लंबे इंतजार को खत्म करने की होगी, जो भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत से जुड़ा है। श्रीलंकाई टीम पिछले छह टेस्ट सीरीज से भारत को नहीं हरा सकी है। भारत के खिलाफ उसकी आखिरी टेस्ट सीरीज जीत वर्ष 2008 में दर्ज हुई थी। यानी करीब 18 वर्षों से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने में असफल रहा है। ऐसे में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वह इस रिकॉर्ड को बदलने की कोशिश करेगा।
दूसरी ओर भारतीय टीम युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में नए दौर की शुरुआत करने जा रही है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी, सारांश जैन जैसे नए चेहरों को मिला अवसर और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण भारत को इस दौरे पर संतुलित और प्रतिस्पर्धी बनाता है। क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें अब 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में अहम बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

