उत्तराखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस को इस वर्ष व्यापक जनभागीदारी और विविध आयोजनों के साथ मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए इसे जन-जागरूकता, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, खेल और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रदेशभर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरव और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने का अवसर है। ऐसे में समारोहों को अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य से लेकर जनपद स्तर तक ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिनमें आम नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य एवं जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और टीम भावना का विकास करती हैं। इसलिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ा जाए। इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का आयोजन भी बड़े पैमाने पर किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि सामाजिक सेवा और जनकल्याण का संदेश भी समाज तक पहुंचे। बैठक में साहसिक गतिविधियों को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनाने की बात कही गई। मुख्य सचिव ने हाई एल्टीट्यूड एडवेंचर गतिविधियों, मैराथन, साइकिल रैली, बाइक रैली और कार रैली जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी मजबूत करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण को भी स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा जल संरक्षण और जल संवर्द्धन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी है। इसलिए अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण और जल संरक्षण अभियानों से जोड़ा जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के प्रमुख शहरों और महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के बैंड द्वारा विशेष संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति का वातावरण तैयार किया जाएगा और आम नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व के उत्साह से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी 15 अगस्त को देहरादून के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बैठक में साझा की गई। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 15 अगस्त को सुबह 10 बजे देहरादून के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वहीं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सचिवालय में सुबह 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे। देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जनपदों में जिलाधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में सुबह 9:30 बजे ध्वजारोहण करेंगे। इसके अलावा देहरादून स्थित सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में सुबह 9 बजे विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति के माहौल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी तय की हैं। इसके तहत 14 अगस्त की शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक तथा 15 अगस्त की सुबह 6 बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक प्रदेश और जनपद मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर लाउडस्पीकरों के माध्यम से देशभक्ति गीत प्रसारित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय पर्व का उत्साह और उमंग दिखाई देगा।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। प्रदेश मुख्यालय में 14 अगस्त को कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन प्रस्तावित है। इन आयोजनों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन की भावना, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के जरिए जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को भी आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। इसके लिए सभी प्रमुख भवनों को कम वोल्टेज वाले एलईडी बल्बों से प्रकाशमान करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्व की भव्यता भी दिखाई देगी। विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी शिक्षण संस्थानों द्वारा सुबह 7 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
इसके बाद विद्यालय परिसरों अथवा निर्धारित स्थलों पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद प्रतियोगिताएं, विचार गोष्ठियां, प्रदर्शनी, वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की तैयारियों की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का प्रत्येक आयोजन गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित होना चाहिए ताकि राष्ट्रीय पर्व का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान तथा जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

