दिल्ली में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने और बिजली का खर्च कम करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए दिल्ली का नया पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से राजधानी के लोग घर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। खास बात यह है कि पात्र परिवारों को केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से मिलाकर सोलर सिस्टम पर 1.56 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। सरकार का दावा है कि इस पहल से घरेलू बिजली खर्च घटाने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। नए पोर्टल को दिल्ली के लोगों के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके जरिए लोग घर बैठे सोलर पैनल लगवाने के लिए पंजीकरण कर सकेंगे। पोर्टल पर योजना से संबंधित सब्सिडी की जानकारी, अधिकृत विक्रेताओं की सूची और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लिए जाएंगे, इसलिए योजना का लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ताओं को समय रहते आवेदन करना होगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र सरकार तीन किलोवाट तक की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपये की सब्सिडी देती है। दिल्ली सरकार भी पात्र उपभोक्ताओं को इतनी ही राशि की सहायता देने की व्यवस्था कर रही है। इस तरह पात्र परिवार को केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर अधिकतम 1.56 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। इससे घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवाने की शुरुआती लागत को कम करने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार की योजना में ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जो हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए तीन किलोवाट तक की क्षमता का सोलर सिस्टम बिना शुरुआती भुगतान के लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि बिजली बिल में राहत चाहने वाले परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने में शुरुआती आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
कम जगह वाले मकानों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है। छोटे घरों और कम क्षेत्रफल वाली छतों के लिए दो किलोवाट तक की क्षमता वाले छोटे सोलर सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे उन परिवारों को भी योजना का लाभ लेने का अवसर मिलेगा, जिनके पास बड़े सोलर सिस्टम लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और सामूहिक आवास परिसरों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सोसाइटी के साझा क्षेत्रों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवाट किया गया है। इससे पार्किंग, सामुदायिक क्षेत्र और अन्य साझा सुविधाओं में बिजली की जरूरत को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार ने कम बिजली खपत वाले परिवारों के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। शून्य से 200 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली की खपत कम करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। यानी सौर ऊर्जा अपनाने के साथ बिजली की बचत करने वाले परिवारों को योजना के तहत अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। सोलर सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव को लेकर भी उपभोक्ताओं को राहत देने की व्यवस्था की गई है। अधिकृत विक्रेताओं को पांच साल तक लगाए गए सोलर सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालनी होगी। इससे उपभोक्ताओं को सिस्टम में तकनीकी खराबी या रखरखाव से जुड़ी समस्या आने पर अलग से व्यवस्था करने की जरूरत कम होगी।
दिल्ली में बिजली और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी
दिल्ली में केवल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ही बदलाव की तैयारी नहीं है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने इलेक्ट्रिक वाहन, अस्पताल, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों का असर आने वाले समय में राजधानी की सार्वजनिक सुविधाओं और बिजली से जुड़ी व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ चार्जिंग सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ रही है। एनडीएमसी से जुड़े प्रस्तावों के लागू होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाओं में विस्तार हो सकता है।
अस्पतालों से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर करना है। वहीं पार्किंग से संबंधित फैसलों से सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की जाएगी। स्ट्रीट लाइट से जुड़े प्रस्तावों के जरिए सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। दिल्ली सरकार की सौर ऊर्जा पहल को इन सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े फैसलों के साथ देखा जाए तो राजधानी में ऊर्जा बचत, स्वच्छ ऊर्जा और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई स्तरों पर बदलाव की तैयारी नजर आती है। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने से जहां परिवारों को बिजली के खर्च में राहत मिलने की संभावना है, वहीं सार्वजनिक संस्थानों और सामुदायिक सुविधाओं में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली की जरूरत को कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के नए पोर्टल के शुरू होने से दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। सब्सिडी, अधिकृत विक्रेताओं और शिकायत से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होने से लोगों को योजना की प्रक्रिया समझने और आगे बढ़ने में सुविधा मिलेगी। अब योजना का लाभ लेने वाले परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम यह होगा कि वे पात्रता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेकर अधिकृत विक्रेता के माध्यम से सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया पूरी करें।

