स्मार्टफोन के टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार ने कसे नियम, अप्रैल 2027 से बीआईएस मानक होंगे जरूरी

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर से जुड़ा एक अहम बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण आदेश के दायरे में लाने का फैसला किया है। इसके बाद भारत में बेचे जाने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस का प्रमाणन जरूरी होगा। नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा। इसका मतलब है कि इस तारीख के बाद बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को तय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना होगा, चाहे उनका निर्माण भारत में हुआ हो या उन्हें विदेश से आयात किया गया हो।स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर आम तौर पर टेम्पर्ड ग्लास या इसी तरह की सुरक्षात्मक सामग्री से बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल फोन की स्क्रीन को खरोंच, टूटने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किया जाता है। बाजार में अलग-अलग गुणवत्ता और कीमत वाले हजारों स्क्रीन प्रोटेक्टर उपलब्ध हैं। नए नियम के बाद इनके निर्माण और बिक्री के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और तय मानकों के अनुरूप उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। फिलहाल बाजार में कई तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर उपलब्ध हैं, जिनकी गुणवत्ता में काफी अंतर देखा जाता है। नए प्रावधान के बाद कंपनियों को अपने उत्पादों के लिए निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करना होगा और आवश्यक प्रमाणन हासिल करना पड़ेगा। बीआईएस प्रमाणन की अनिवार्यता का असर घरेलू विनिर्माण क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। सरकार लगातार मोबाइल फोन और उससे जुड़े उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में स्क्रीन प्रोटेक्टर जैसे उत्पादों को भी नियामकीय मानकों के दायरे में लाने से भारत में इनके निर्माण को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय कंपनियों के लिए उत्पादन बढ़ाने और बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने का अवसर पैदा हो सकता है।

उद्योग संगठन इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन के मुताबिक, स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण आदेश के दायरे में लाने से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसर पैदा करने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिल सकती है। उद्योग जगत का कहना है कि भारत में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। स्मार्टफोन की संख्या बढ़ने के साथ स्क्रीन सुरक्षा से जुड़े उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में गुणवत्ता के मानक तय होने से निर्माताओं को स्पष्ट दिशा मिलेगी और ग्राहकों को भी मानकों के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।

सरकार के आदेश के मुताबिक, स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों को 1 अप्रैल 2027 से बीआईएस मानकों का पालन करना होगा। यह नियम भारत में निर्मित और आयात किए जाने वाले दोनों तरह के उत्पादों पर लागू होगा। यानी विदेश से भारत में आने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भी निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप होना पड़ेगा। इससे केवल घरेलू निर्माताओं पर ही नियम लागू होने की स्थिति नहीं रहेगी, बल्कि आयातित उत्पाद भी समान गुणवत्ता व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इस फैसले को घरेलू कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम जैसी कंपनियों ने भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर के उत्पादन की दिशा में काम शुरू किया है। ऐसे में बीआईएस मानकों की अनिवार्यता से देश में उत्पादन करने वाली कंपनियों को बाजार में नए अवसर मिल सकते हैं। सरकार की व्यापक ‘मेक इन इंडिया’ और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की नीति के साथ भी यह कदम जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

घरेलू विनिर्माण, रोजगार और गुणवत्ता पर होगा जोर

स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य किए जाने का सबसे सीधा असर उत्पाद की गुणवत्ता पर पड़ने की उम्मीद है। कंपनियों को अपने उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार करने होंगे। इससे बाजार में बेहद कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। ग्राहकों के लिए भी प्रमाणित उत्पादों की पहचान करना आसान होगा। इस फैसले से देश में स्क्रीन प्रोटेक्टर के निर्माण से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा मिलने की संभावना है। उत्पादन बढ़ने पर इससे पैकेजिंग, वितरण, कच्चे माल और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उद्योग संगठन ने इसी वजह से इसे घरेलू विनिर्माण और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

भारत में स्मार्टफोन का इस्तेमाल लगातार व्यापक हो रहा है और इसके साथ मोबाइल से जुड़े सहायक उत्पादों का बाजार भी बड़ा हुआ है। स्क्रीन प्रोटेक्टर इसी बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अब तक उपभोक्ताओं के सामने कीमत, डिजाइन और मजबूती के आधार पर कई विकल्प मौजूद रहे हैं। नए नियम लागू होने के बाद गुणवत्ता मानकों का पालन भी कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा।

बीआईएस प्रमाणन की व्यवस्था लागू होने के बाद कंपनियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने उत्पादों को मानकों के अनुरूप बनाना होगा। इससे बाजार में उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर एक समान व्यवस्था बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं आयातित स्क्रीन प्रोटेक्टर पर भी समान नियम लागू होने से घरेलू और विदेशी उत्पादों के लिए एक जैसी गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताएं होंगी।

उद्योग संगठन का मानना है कि इस फैसले से भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कंपनियां देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में निवेश कर सकती हैं। घरेलू उत्पादन बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े छोटे और मध्यम कारोबारों को भी इससे नई संभावनाएं मिल सकती हैं। सरकार के इस कदम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि नियम केवल भारत में बनाए जाने वाले उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगा। विदेशों से आयात किए जाने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भी भारतीय मानकों का पालन करना होगा। 

इससे बाजार में आने वाले सभी उत्पादों के लिए गुणवत्ता की एक समान कसौटी तय होगी। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाला यह बदलाव स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के बाजार में एक नई गुणवत्ता व्यवस्था की शुरुआत करेगा। कंपनियों को तय मानकों का पालन करना होगा, जबकि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी इसके असर देखे जा सकते हैं। ग्राहकों के लिए इसका मतलब यह होगा कि बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर केवल कीमत और दिखावट के आधार पर नहीं, बल्कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप भी होने चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart