हमारे शरीर की ताकत केवल कैलोरी से नहीं, बल्कि सही पोषण से तय होती है। शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में प्रोटीन की भूमिका सबसे अहम है। यह केवल मांसपेशियां बनाने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर की लगभग हर कोशिका और जरूरी प्रक्रिया में किसी न किसी रूप में शामिल रहता है। मांसपेशियों के निर्माण और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत से लेकर हार्मोन, एंजाइम और एंटीबॉडी बनाने तक प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि इसे शरीर का ‘बिल्डिंग ब्लॉक’ भी कहा जाता है। लेकिन जब प्रोटीन की बात आती है तो अक्सर यह धारणा बन जाती है कि इसकी पर्याप्त मात्रा केवल मांस, मछली या अंडे जैसे खाद्य पदार्थों से ही मिल सकती है। जबकि ऐसा नहीं है। शाकाहारी भोजन में भी प्रोटीन के कई अच्छे स्रोत मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि भोजन में सही चीजों का संतुलन बनाया जाए और रोज की थाली में अलग-अलग प्रोटीन स्रोतों को शामिल किया जाए। स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोज कितने प्रोटीन की जरूरत है, यह उसकी उम्र, शरीर के वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर स्वस्थ वयस्क के लिए प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर करीब 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन की जरूरत मानी जाती है। यानी 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को सामान्य परिस्थितियों में लगभग 48 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन की जरूरत हो सकती है।
हालांकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और नियमित रूप से व्यायाम या कठिन शारीरिक श्रम करने वाले लोगों की जरूरत इससे अलग हो सकती है। प्रोटीन की कमी होने पर शरीर पर कई तरह के असर दिखाई दे सकते हैं। मांसपेशियों की ताकत कम होना, कमजोरी महसूस होना, घाव भरने में अधिक समय लगना और प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होना इसके कुछ संभावित संकेत हैं। लंबे समय तक पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर शरीर ऊर्जा और मांसपेशियों के लिए अपने प्रोटीन भंडार का इस्तेमाल करना शुरू कर सकता है।
शाकाहारी लोगों के लिए दालें प्रोटीन का सबसे आसान और रोजमर्रा का स्रोत हैं। अरहर, मूंग, मसूर, उड़द और चना जैसी दालों को भोजन में शामिल किया जा सकता है। दाल को चावल या रोटी के साथ खाने से भोजन अधिक संतुलित बनता है। इसके अलावा चना, राजमा, छोले और लोबिया भी अच्छे विकल्प हैं। इन्हें सब्जी, सलाद, चाट या अन्य व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है।
सोयाबीन और इससे बने खाद्य पदार्थ भी शाकाहारी भोजन में प्रोटीन बढ़ाने का अच्छा तरीका हैं। सोया चंक्स, टोफू और सोया से बने अन्य खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल किया जा सकता है। टोफू को सब्जी या सलाद में इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि सोया चंक्स को सामान्य सब्जी की तरह पकाया जा सकता है। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ भी शाकाहारी लोगों के लिए उपयोगी प्रोटीन स्रोत हो सकते हैं। दूध, दही, पनीर और छाछ को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। खासकर पनीर और दही को भोजन में शामिल करने से प्रोटीन के साथ कैल्शियम जैसे अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।
शाकाहारी थाली में प्रोटीन बढ़ाने के आसान तरीके
अगर आप शाकाहारी हैं तो प्रोटीन के लिए केवल एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय दिनभर के भोजन में अलग-अलग स्रोत शामिल करें। नाश्ते में बेसन का चीला, मूंग दाल का चीला, दूध या दही लिया जा सकता है। दोपहर के भोजन में दाल, राजमा, छोले या लोबिया के साथ रोटी या चावल और सब्जी शामिल की जा सकती है। शाम के समय भुना चना, मूंगफली या दही जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं। रात के भोजन में दाल, पनीर, टोफू या सोया से बनी सब्जी को शामिल किया जा सकता है। सूखे मेवे और बीज भी भोजन में प्रोटीन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। मूंगफली, बादाम, कद्दू के बीज, तिल, अलसी और सूरजमुखी के बीजों को सीमित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि इनमें वसा और कैलोरी भी होती है, इसलिए इनका सेवन जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल प्रोटीन की मात्रा ही नहीं, बल्कि पूरे आहार का संतुलन महत्वपूर्ण है।
प्रोटीन के साथ पर्याप्त फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा लेना भी जरूरी है। अलग-अलग पौधों से मिलने वाले प्रोटीन स्रोतों को भोजन में शामिल करने से अमीनो एसिड की विविधता भी बढ़ती है। जो लोग जिम या नियमित व्यायाम करते हैं, उन्हें सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। इसी तरह गर्भावस्था, स्तनपान, बढ़ती उम्र या किसी बीमारी के दौरान प्रोटीन की जरूरत बदल सकती है। ऐसे मामलों में अपनी जरूरत के अनुसार आहार तय करने के लिए डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शाकाहारी भोजन का मतलब प्रोटीन की कमी वाला भोजन नहीं है। दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, टोफू, पनीर, दूध, दही, मूंगफली और बीज जैसे कई खाद्य पदार्थ रोज की थाली में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। सही मात्रा और विविधता के साथ तैयार की गई शाकाहारी थाली शरीर को जरूरी प्रोटीन के साथ कई अन्य पोषक तत्व भी दे सकती है। इसलिए प्रोटीन के लिए मांसाहारी भोजन पर निर्भर रहना जरूरी नहीं, बल्कि समझदारी से बनाई गई शाकाहारी थाली भी शरीर की जरूरत पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

