हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक से 3 अक्टूबर तक रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री का कार्यक्रम विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ बच्चों और ग्रामीणों से सीधे संवाद पर केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में भी शामिल होंगे और विभिन्न स्थानों पर आयोजित रैलियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वहीं, ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू 1 अक्टूबर को रोहड़ू पहुंचेंगे। अपने दौरे की शुरुआत बच्चों से संवाद के साथ करेंगे। इस दौरान वह बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ आयोजित एंटी चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। हिमाचल में युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के अभियानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रैली के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देंगे।
रोहड़ू के बाद मुख्यमंत्री चिड़गांव पहुंचेंगे। यहां वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी लेंगे और अधिकारियों से क्षेत्र की विकास जरूरतों को लेकर चर्चा करेंगे। चिड़गांव में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह सरकार की ओर से क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी लोगों के सामने रखेंगे। साथ ही स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं और क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सुनेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा। दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को समझने पर भी विशेष जोर रहेगा। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीणों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान लोग सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित शिकायतें और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे।
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था को ग्रामीणों के करीब ले जाना और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री के सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव होगी, उनमें मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए जा सकते हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार जिला या राज्य मुख्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
मुख्यमंत्री के रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान क्षेत्र की विकास जरूरतों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और संपर्क व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विषय स्थानीय लोगों के लिए अहम हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ होने वाले संवाद के दौरान इन मुद्दों पर लोगों की ओर से अपनी बात रखी जाएगी।
गांवों तक पहुंचेगी सरकार, विकास और नशामुक्ति पर रहेगा जोर
2 और 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुक्खू रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान भी उनका कार्यक्रम विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास तथा जनसंवाद से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की जानकारी लेंगे और जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। रामपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री का दौरा स्थानीय विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन से जहां पहले से तैयार कार्य जनता को समर्पित किए जाएंगे, वहीं नए विकास कार्यों का शिलान्यास कर उनके निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों की जरूरतों के अनुरूप विकास को आगे बढ़ाने का संदेश देंगे।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को भी मजबूती देंगे। एंटी चिट्टा रैली के जरिए युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज के विभिन्न वर्गों को इस अभियान से जोड़ने पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री पहले भी नशे की समस्या को लेकर युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर देते रहे हैं। रोहड़ू में रैली को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम इसी अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बच्चों के साथ संवाद भी खास रहेगा। बच्चों और युवाओं से सीधे बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और भविष्य से जुड़े विषयों को समझने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों के अवसर बढ़ाना भी इस संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से ‘सरकार गांव के द्वार’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के रोहड़ू और रामपुर दौरे में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। ग्रामीण अपने क्षेत्र की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे, जबकि अधिकारियों को योजनाओं और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। तीन दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री एक तरफ विकास योजनाओं की सौगात देंगे तो दूसरी तरफ लोगों से सीधा संवाद कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेंगे। बच्चों से मुलाकात, नशे के खिलाफ रैली, विकास परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास और गांवों में जनसमस्याओं की सुनवाई कार्यक्रम के प्रमुख हिस्से होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और संबंधित विभागों को कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री का यह दौरा सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी होगा। तीन दिनों के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी लेंगे और जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इससे क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ नई मांगों और समस्याओं को भी सरकार के स्तर तक पहुंचाने का रास्ता बनेगा।

