देश के चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया। बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हो रहे इन द्विवार्षिक चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। मतदान को लेकर निर्वाचन व्यवस्था पूरी कर ली गई है और सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इन चुनावों के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ शिक्षक और स्नातक समुदाय की भी नजरें टिकी हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने विधान परिषद के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के मद्देनजर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था। चारों राज्यों में कुल 28 सीटें रिक्त हो रही हैं। इनमें बिहार की आठ, कर्नाटक की चार, महाराष्ट्र की पांच और उत्तर प्रदेश की 11 सीटें शामिल हैं। निर्वाचन क्षेत्रों के हिसाब से इन सीटों को स्नातक और शिक्षक वर्ग में बांटा गया है। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और 31 अक्टूबर तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी। इन चुनावों की खास बात यह है कि इनमें सामान्य विधानसभा चुनावों की तरह सभी पंजीकृत मतदाता हिस्सा नहीं लेते। संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज पात्र मतदाता ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के लिए स्थानीय संपर्क, पेशेवर समुदायों के बीच पकड़ और मतदाताओं तक पहुंच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हो रहा मतदान
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण आते हैं।
इन निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव के जरिए नए प्रतिनिधियों का चयन किया जा रहा है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान कर रहे हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पात्र शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि चुन रहे हैं। बिहार में आठ सीटों का यह चुनाव परिषद में प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मतदान के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना है। चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने किन उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।
कर्नाटक में चार सीटों पर चुनावी प्रक्रिया
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कर्नाटक दक्षिण-पूर्व और कर्नाटक पश्चिम आते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कर्नाटक उत्तर-पूर्व और बैंगलोर शामिल हैं।
इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 11 नवंबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव के माध्यम से इन निर्वाचन क्षेत्रों में नए सदस्यों का चयन किया जाएगा। स्नातक और शिक्षक वर्ग के मतदाताओं की भूमिका इन चुनावों में निर्णायक है। उम्मीदवारों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच समर्थन जुटाने के लिए प्रयास करने पड़ रहे हैं। कर्नाटक में चार सीटों के लिए हो रहे मतदान के नतीजे परिषद में संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित करेंगे। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और मतगणना के बाद सामने आने वाले परिणामों पर रहेंगी।
महाराष्ट्र में पांच सीटों पर हो रहा मतदान
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औरंगाबाद, पुणे और नागपुर मंडल शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अमरावती और पुणे मंडल के मतदाता मतदान कर रहे हैं।
इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। चुनावी प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया जा रहा है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की प्रकृति के कारण यहां मतदाताओं का दायरा सीमित और विशिष्ट होता है। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए मतदाता सूची में शामिल लोगों तक पहुंच बनाना और समर्थन हासिल करना अहम रहता है।
महाराष्ट्र की पांच सीटों के चुनाव में परिणाम आने के बाद ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में नए प्रतिनिधियों की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल मतदान शाम 4 बजे तक जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटों पर मुकाबला
चारों राज्यों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी मंडल आते हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद मंडल शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होगा। उत्तर प्रदेश में सीटों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण इन चुनावों का विशेष महत्व है। अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। इन चुनावों में उत्तर प्रदेश की 11 सीटों के परिणाम परिषद में प्रतिनिधित्व की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, इन निर्वाचन क्षेत्रों का मतदान सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग है, क्योंकि मताधिकार संबंधित वर्गों के पंजीकृत मतदाताओं तक सीमित रहता है।

