बदलते मौसम में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आंवले के जूस में मिलाएं ये 5 चीजें, स्वाद भी बढ़ेगा और सेहत को भी मिलेगा फायदा

मौसम बदलते ही खानपान और सेहत को लेकर थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कभी सर्दी-जुकाम, तो कभी गले में खराश और थकान जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। ऐसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन महत्वपूर्ण हो जाता है। आंवला ऐसा ही एक फल है, जो विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि बदलते मौसम में आंवले का जूस पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। हालांकि, आंवले का जूस अपने खट्टे स्वाद के कारण हर किसी को पसंद नहीं आता। ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलाकर इसके स्वाद को बेहतर बनाया जा सकता है। शहद, अदरक, काला नमक, भुना जीरा, पुदीना और गाजर या चुकंदर का रस इसके स्वाद में अलग-अलग तरह से बदलाव ला सकते हैं। इनके इस्तेमाल से पेय में कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी एक खाद्य पदार्थ के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता रातोंरात नहीं बढ़ती। इसके लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम भी जरूरी हैं।

आंवले के जूस में मिलाएं ये चीजें, खट्टापन होगा कम और स्वाद बनेगा बेहतर

1. शहद से कम करें आंवले का खट्टापन

आंवले के जूस का खट्टापन कम करने के लिए उसमें थोड़ी मात्रा में शहद मिलाया जा सकता है। इससे जूस का स्वाद हल्का मीठा हो जाता है और इसे पीना आसान लगता है। शहद का इस्तेमाल गले में खराश से होने वाली परेशानी में अस्थायी राहत के लिए भी किया जाता है, लेकिन यह किसी संक्रमण का इलाज नहीं है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को शहद की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसमें शर्करा होती है। एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।

2. अदरक के रस से बढ़ेगा स्वाद

आंवले के जूस में आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है। अदरक का हल्का तीखा स्वाद आंवले के खट्टेपन के साथ अच्छा मेल बनाता है। अदरक में ऐसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं, जिनका संबंध पाचन और शरीर की सूजन संबंधी प्रक्रियाओं से जुड़े अध्ययनों में देखा गया है। हालांकि, इसे मिलाने से जूस के फायदे दोगुने होने का दावा सही नहीं है। जिन लोगों को पेट में जलन या अम्लता की समस्या रहती है, उन्हें अदरक की मात्रा कम रखनी चाहिए।

3. काला नमक और भुना जीरा देंगे चटपटा स्वाद

अगर आपको खट्टे और चटपटे स्वाद वाले पेय पसंद हैं, तो आंवले के जूस में चुटकी भर काला नमक और थोड़ा भुना जीरा पाउडर मिला सकते हैं। इससे जूस का स्वाद बदल जाता है। जीरा भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानियों में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, काला नमक भी सोडियम का स्रोत है। इसलिए उच्च रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी या नमक सीमित रखने की सलाह पाने वाले लोगों को इसका अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

4. पुदीने की पत्तियां देंगी ताजगी

आंवले के जूस में चार-पांच ताजी और साफ पुदीने की पत्तियां पीसकर मिलाने से इसका स्वाद और सुगंध बेहतर हो सकती है। पुदीने की ताजगी पेय को अलग स्वाद देती है। आप चाहें तो आंवले के साथ ही पुदीने की पत्तियां पीसकर जूस तैयार कर सकते हैं। हालांकि, जिन लोगों को पुदीना खाने या पीने से सीने में जलन बढ़ती है, उन्हें इसका सेवन अपनी सहनशीलता के अनुसार करना चाहिए।

5. गाजर या चुकंदर का रस बढ़ाएगा पोषण

आंवले के जूस का खट्टापन कम करने और पोषण बढ़ाने के लिए इसमें गाजर या चुकंदर का रस भी मिलाया जा सकता है। गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदलता है। यह आंखों और सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है। वहीं, चुकंदर में फोलेट समेत कई उपयोगी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आंवले के साथ इनका रस मिलाने से पेय का स्वाद हल्का मीठा हो सकता है। शुरुआत में थोड़ी मात्रा मिलाएं और स्वाद के अनुसार अनुपात तय करें। अतिरिक्त चीनी डालने से बचना बेहतर रहेगा।

आंवले का जूस पीते समय इन बातों का रखें ध्यान

आंवले का जूस बनाते समय ताजे फल और साफ पानी का इस्तेमाल करें। शुरुआत सीमित मात्रा से करें। अगर खाली पेट जूस पीने से पेट में जलन या खट्टी डकार आती है, तो इसे भोजन के साथ या बाद में लेना बेहतर हो सकता है। आंवला अम्लीय होता है, इसलिए जूस पीने के बाद सादे पानी से कुल्ला करना दांतों की सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को जूस की मात्रा और उसमें मिलाई जाने वाली सामग्री पर ध्यान देना चाहिए। साबुत आंवला खाने से रेशा भी मिलता है, जबकि जूस बनाने के दौरान उसका काफी हिस्सा अलग हो सकता है। इसलिए संभव हो तो साबुत फल को भी अपने आहार में शामिल करें। यदि आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, तो आंवले के जूस का अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा। कुल मिलाकर, आंवले के जूस में शहद, अदरक, काला नमक, भुना जीरा, पुदीना या गाजर-चुकंदर का रस मिलाकर उसके स्वाद को बेहतर बनाया जा सकता है। लेकिन अच्छी सेहत के लिए केवल एक पेय पर निर्भर रहना सही नहीं है। संतुलित आहार, मौसमी फल-सब्जियां, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने का बेहतर तरीका है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart