दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए शनिवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। चुनाव परिणामों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्रों और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक जवानों को तैनात किया गया है। मतगणना केंद्रों के आसपास आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल भी तैयार रखा गया है। शुक्रवार को हुए मतदान में 40.46 प्रतिशत छात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। डूसू चुनाव को देश के सबसे बड़े छात्र चुनावों में शामिल किया जाता है और हर साल इसके परिणामों पर विश्वविद्यालय के साथ-साथ छात्र राजनीति से जुड़े लोगों की नजर रहती है।
इस बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत चार प्रमुख पदों के लिए अलग-अलग छात्र संगठनों के उम्मीदवार मैदान में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास और उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्या को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा और उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ को मैदान में उतारा है। मतगणना शुरू होने के साथ ही दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के समर्थकों की नजर अब चुनाव परिणाम पर टिकी है। मतगणना पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से परिणाम घोषित किए जाएंगे। शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान छात्रों में चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला था। विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और मतदान केंद्रों पर छात्रों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। इस बार कुल मतदान प्रतिशत 40.46 रहा। डूसू चुनाव में मतदान के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
आज मतगणना के दौरान भी विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। डूसू चुनाव के नतीजों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं। हाईकोर्ट ने चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक लगा दी है। ऐसे में परिणाम घोषित होने के बाद विजेता उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। अदालत के निर्देश के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मतगणना और परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना है।
डूसू में 52 कॉलेज और फैकल्टी सीधे करते हैं मतदान
दिल्ली विश्वविद्यालय का विस्तार दो प्रमुख परिसरों में है। नॉर्थ कैंपस और साउथ कैंपस के बीच करीब 15 किलोमीटर की दूरी है। दोनों परिसरों को मिलाकर दिल्ली विश्वविद्यालय से 91 कॉलेज जुड़े हुए हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कॉलेजों के छात्र डूसू चुनाव में सीधे मतदान नहीं करते। डूसू चुनाव में केवल 52 कॉलेज और फैकल्टी के छात्र ही सीधे तौर पर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं। यही वजह है कि विश्वविद्यालय के कुल कॉलेजों की संख्या और डूसू चुनाव में शामिल कॉलेजों की संख्या अलग-अलग है। दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कई प्रतिष्ठित कॉलेज डूसू की प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं। सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्री राम कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज समेत कुछ बड़े कॉलेजों के छात्र डूसू चुनाव में सीधे मतदान नहीं करते।
इसके बावजूद डूसू चुनाव का विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में व्यापक महत्व माना जाता है। डूसू का चुनाव हर वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनता है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवार छात्रों के बीच प्रचार करते हैं और कॉलेजों में अपनी गतिविधियां चलाते हैं। इस चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच मुकाबला विशेष रूप से चर्चा में रहता है। इस बार भी दोनों संगठनों ने प्रमुख पदों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। मतगणना शुरू होने के बाद अब सभी की नजर मतों के अंतिम आंकड़ों पर है।
मतदान के दौरान पड़े मतों की गिनती अलग-अलग चरणों में की जा रही है। मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा घेरे को मजबूत रखा गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए व्यवस्था की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में मतगणना प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। डूसू चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के साथ-साथ परिणाम घोषित होने के बाद की स्थिति को नियंत्रित रखने की चुनौती भी है।
दिल्ली हाईकोर्ट के विजय जुलूस पर रोक के निर्देश के कारण परिणाम आने के बाद उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। शुक्रवार को हुए 40.46 प्रतिशत मतदान के बाद शनिवार सुबह शुरू हुई मतगणना से डूसू चुनाव का अगला चरण शुरू हो गया है। अब परिणाम सामने आने के साथ यह स्पष्ट होगा कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदों पर किस उम्मीदवार को छात्रों का समर्थन मिला। मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम जारी होने के बाद ही चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

