कम सामान, कम किराया : अब बिना चेक-इन बैगेज के हवाई सफर होगा सस्ता, इंडिगो लेकर आया नया ‘लाइट’ किराया

हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाने की दिशा में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे यात्री, जो केवल हैंड बैगेज के साथ यात्रा करते हैं और चेक-इन लगेज की जरूरत नहीं रखते, उन्हें कम कीमत पर टिकट मिल सकेगी। एयरलाइन ने 1 जुलाई से ‘IndiGo Lite’ नाम से नया किराया विकल्प शुरू किया है, जिसके तहत यात्रियों को केवल 7 किलोग्राम तक का केबिन बैगेज ले जाने की अनुमति होगी। यदि कोई यात्री चेक-इन बैगेज जोड़ना चाहता है तो उसे इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा। इंडिगो का कहना है कि इस नई स्कीम की बुकिंग 1 जुलाई से शुरू कर दी गई है, जबकि इसका लाभ 15 जुलाई से मिलने लगेगा। यह सुविधा केवल घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नॉन-स्टॉप उड़ानों पर भी उपलब्ध रहेगी। एयरलाइन का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं जो कम सामान के साथ यात्रा करते हैं और उन्हें चेक-इन बैगेज की आवश्यकता नहीं होती। 

ऐसे यात्रियों को अनावश्यक सुविधा के लिए अतिरिक्त किराया न देना पड़े, इसी उद्देश्य से यह नया किराया मॉडल तैयार किया गया है। इंडिगो की यह पहल ऐसे समय आई है जब एयरलाइंस यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार किराए और सेवाओं को अधिक लचीला बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। नई व्यवस्था से खासतौर पर बिजनेस ट्रैवलर्स, वीकेंड ट्रैवल करने वाले लोग, छात्र और कम सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे वे अपनी जरूरत के मुताबिक सेवाएं चुन सकेंगे और टिकट पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचा सकेंगे। इंडिगो के नए ‘IndiGo Lite’ किराए में यात्रियों को केवल 7 किलोग्राम तक का केबिन बैगेज ले जाने की अनुमति होगी। 

इस किराए में 15 किलोग्राम तक मिलने वाला मुफ्त चेक-इन बैगेज शामिल नहीं होगा। यदि किसी यात्री को अतिरिक्त सामान ले जाना है तो वह टिकट बुक करते समय या बाद में अलग से शुल्क देकर चेक-इन बैगेज जोड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नया किराया सामान्य टिकट की तुलना में करीब 400 रुपये तक सस्ता हो सकता है। हालांकि अलग-अलग रूट और मांग के आधार पर किराए में अंतर हो सकता है। एयरलाइन का उद्देश्य उन यात्रियों को कम कीमत का विकल्प उपलब्ध कराना है जो केवल हैंड बैगेज के साथ सफर करते हैं और अतिरिक्त सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग में पहले से लोकप्रिय है, जहां यात्री अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग सेवाएं चुनते हैं और केवल उन्हीं सुविधाओं का भुगतान करते हैं जिनका वे उपयोग करना चाहते हैं।

15 जुलाई से लागू होगी नई स्कीम, केवल नॉन-स्टॉप उड़ानों पर मिलेगा लाभ

इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि ‘IndiGo Lite’ किराया 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसकी बुकिंग 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है। यह सुविधा एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और संपर्क केंद्र के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। फिलहाल यह किराया केवल इंडिगो के डायरेक्ट बुकिंग चैनलों पर ही मिलेगा। यह स्कीम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की नॉन-स्टॉप (डायरेक्ट) उड़ानों पर लागू होगी। चाहे यात्री वन-वे टिकट बुक करे, राउंड ट्रिप करे या मल्टी-सिटी यात्रा की योजना बनाए, यदि उड़ान नॉन-स्टॉप है तो वह इस किराए का लाभ उठा सकता है। हालांकि कनेक्टिंग फ्लाइटों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। 

एयरलाइन का मानना है कि इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक लचीली बनेगी और यात्री अपनी आवश्यकता के अनुसार सेवाओं का चयन कर सकेंगे। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत नहीं होती, वे अब कम कीमत पर यात्रा कर सकेंगे, जबकि अधिक सामान ले जाने वाले यात्री आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त शुल्क देकर सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इंडिगो से पहले एयर इंडिया भी 16 जून को कुछ घरेलू मार्गों पर ‘बेसिक’ फेयर शुरू कर चुकी है। उस योजना में उन यात्रियों को कम किराए का विकल्प दिया गया था जो उड़ान के दौरान भोजन नहीं लेना चाहते। अब इंडिगो ने बैगेज आधारित किराया मॉडल पेश कर एयरलाइन उद्योग में यात्रियों को अधिक विकल्प देने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। 

आने वाले समय में भारतीय विमानन क्षेत्र में ‘पे-फॉर-व्हाट-यू-यूज’ यानी जितनी सुविधा चाहिए उतना ही भुगतान करने का मॉडल और अधिक लोकप्रिय हो सकता है। इससे एयरलाइंस अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी, वहीं यात्रियों को भी अपनी यात्रा का खर्च नियंत्रित करने का अवसर मिलेगा। खासकर कम दूरी की यात्रा करने वाले और हल्के सामान के साथ उड़ान भरने वाले लोगों के लिए यह नया किराया विकल्प काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

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