बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। मानसून के कारण पिछले करीब दो महीने से बंद पड़ी केदारनाथ हेली सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने 15 सितंबर से हेली सेवा दोबारा संचालित करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। यदि मौसम और सुरक्षा संबंधी सभी मानक अनुकूल पाए गए तो श्रद्धालु सितंबर के मध्य से फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंच सकेंगे। मानसून के दौरान खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से हेली सेवाओं को रोक दिया गया था। इसके चलते उन यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा जो कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते थे या जिनके लिए पैदल यात्रा करना कठिन था। अब मौसम में सुधार की संभावना के बीच हेली सेवा बहाल होने की खबर से श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है।
केदारनाथ धाम देश के सबसे कठिन लेकिन सबसे अधिक श्रद्धालुओं वाले तीर्थस्थलों में से एक है। समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस धाम तक पहुंचने के लिए सामान्य परिस्थितियों में श्रद्धालुओं को लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में हेली सेवा बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और सीमित समय वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आती है। इस वर्ष 22 अप्रैल 2026 को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया था। यात्रा के शुरुआती दो महीनों में हजारों श्रद्धालुओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया। हेली सेवा के कारण यात्रियों को कम समय में सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से धाम तक पहुंचने का अवसर मिला। यात्रा सीजन के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की मांग इतनी अधिक रही कि अधिकांश सीटों की बुकिंग पहले से ही भर गई थी।
हालांकि जून के अंतिम सप्ताह से मानसून के सक्रिय होने के बाद केदारनाथ घाटी में मौसम लगातार खराब रहने लगा। पहाड़ी क्षेत्रों में घने बादल, तेज बारिश, कम दृश्यता और अचानक मौसम बदलने की घटनाएं बढ़ गईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 25 जून के बाद हेली सेवा के संचालन पर रोक लगा दी थी। मानसून के दौरान केदारनाथ क्षेत्र में उड़ान संचालन बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पहाड़ों के बीच कम दृश्यता, तेज हवाएं और अचानक मौसम परिवर्तन हेलीकॉप्टर संचालन के लिए जोखिम पैदा करते हैं। इसी वजह से हर वर्ष मानसून के दौरान हेली सेवाओं के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाती है और सुरक्षा मानकों के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
यात्रा के दूसरे चरण में अब एक बार फिर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। सितंबर और अक्टूबर के महीनों में बड़ी संख्या में यात्री केदारनाथ पहुंचते हैं। मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने के कारण यह समय यात्रा के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में हेली सेवा का दोबारा शुरू होना तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां भी यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियों में जुटी हुई हैं।
14 अगस्त की अहम बैठक में होगा अंतिम फैसला
केदारनाथ हेली सेवा और चारधाम चार्टर्ड सेवा के संचालन को लेकर 14 अगस्त को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में डीजीसीए, हेली ऑपरेटर कंपनियों, मौसम विभाग और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में मौसम की वर्तमान स्थिति, आगामी पूर्वानुमान, हेलिपैड की स्थिति और उड़ान सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही सेवाओं के संचालन को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा मुख्य रूप से गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलिपैड से संचालित की जाती है। यात्रा सीजन के दौरान इन्हीं तीन केंद्रों से श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ पहुंचाया जाता है। इस वर्ष भी आठ एविएशन कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। इन हेलिपैडों पर यात्रियों की भारी भीड़ और अग्रिम बुकिंग देखने को मिली थी।
केदारनाथ तक पहुंचने के लिए लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है, जो कई यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में हेली सेवा बुजुर्गों, दिव्यांगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है। इससे समय की बचत होने के साथ यात्रा भी अधिक सुविधाजनक बन जाती है। केदारनाथ हेली सेवा के साथ-साथ चारधाम चार्टर्ड सेवा को भी दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालु हवाई मार्ग से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा अपेक्षाकृत कम समय में पूरी कर सकते हैं। हालांकि इसके संचालन पर अंतिम निर्णय भी डीजीसीए और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
यदि 14 अगस्त की बैठक में सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो 15 सितंबर से केदारनाथ हेली सेवा फिर शुरू हो जाएगी। इससे यात्रा के दूसरे चरण में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही चारधाम यात्रा को भी नई गति मिलेगी और प्रदेश के पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब एक बार फिर आसमान के रास्ते धाम पहुंच सकेंगे।

