दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना के ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्वी दिल्ली स्थित जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके साथ ही योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सरकार का दावा है कि इस योजना से राजधानी की 17 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और परिवार की मजबूती महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती है। ऐसे में सरकार की यह योजना महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने और अपने निर्णय स्वयं लेने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सशक्त बनाने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम महिला न केवल अपने परिवार की प्रगति में योगदान देती है, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार चाहती है कि राजधानी की अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ें और इसका लाभ प्राप्त करें।
सरकार के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि पात्र महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आवेदन करने वाली महिलाओं के दस्तावेजों और पात्रता की जांच संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी और उनके खातों में सहायता राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए ताकि किसी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
दिल्ली सरकार का रक्षाबंधन तक पहली किस्त जारी करने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने योजना के लाभार्थियों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद पात्रता का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा ताकि समय पर लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिल सके। सरकार का मानना है कि प्रतिमाह मिलने वाली 2500 रुपये की सहायता राशि महिलाओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी खर्चों और घरेलू आवश्यकताओं में मददगार साबित होगी। विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग की महिलाओं को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी योजना को महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया। उनका कहना था कि आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाली महिलाओं को ही दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और अन्य विवरण पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार ने महिलाओं से अपील की है कि वे सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ आवेदन करें ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को राजधानी में महिला कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे लाखों महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार और समाज में योगदान दे सकेंगी। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने की संभावना जताई जा रही है।

